जय हिंद साइकिल स्टोर का दोबारा शुभारंभ, गुरु पर विश्वास और मेहनत से अजमानी परिवार ने लिखी नई शुरुआत
बिलासपुर। कहते हैं कि मुश्किल समय इंसान की परीक्षा जरूर लेता है, लेकिन जो व्यक्ति अपने गुरु, भगवान, परिवार और अपने कर्मों पर विश्वास बनाए रखता है, वह विपरीत परिस्थितियों से निकलकर फिर सफलता की राह पर आगे बढ़ता है। इसका प्रेरणादायक उदाहरण बिलासपुर के जय हिंद साइकिल स्टोर के संचालक सुरेंद्र अजमानी एवं उनके परिवार ने पेश किया है।
बुधवारी बाजार स्थित जय हिंद साइकिल स्टोर में करीब तीन महीने पहले अचानक आग लगने की घटना ने अजमानी परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। देखते ही देखते वर्षों की मेहनत और कारोबार को भारी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद परिवार के सामने दोबारा अपने व्यवसाय को खड़ा करने की बड़ी चुनौती थी। ऐसे कठिन समय में परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और अपने गुरु का स्मरण करते हुए नए उत्साह के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
मुश्किलों से लड़कर तीन महीने में फिर खड़ी की दुकान
आग की घटना के बाद सुरेंद्र अजमानी और उनके परिवार ने करीब तीन महीने तक लगातार मेहनत की। दुकान को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया और देखते ही देखते वहां फिर वही रौनक लौट आई। जिस स्थान पर कुछ समय पहले आग की वजह से मातम और मायूसी थी, आज वहां ग्राहकों के लिए साइकिलों की नई-नई वैरायटी सजी हुई है।
अजमानी परिवार के इस संघर्ष में उनके मित्रों, समाजजनों और शुभचिंतकों ने भी उनका साथ दिया। यही साथ उनके लिए बड़ी ताकत बना। परिवार ने इस कठिन दौर से सीख लेते हुए अपने कारोबार को फिर से खड़ा कर यह संदेश दिया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, हौसला और मेहनत इंसान को दोबारा खड़ा कर सकती है।
गुरु पर आस्था और सेवा की भावना
सिख समाज की मेहनत, सेवा और गुरु के प्रति आस्था का उल्लेख करते हुए कहा गया कि समाज ने हमेशा विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़कर सेवा की मिसाल कायम की है। जरूरतमंदों के लिए लंगर और मानव सेवा की परंपरा सिख समाज की पहचान रही है। इसी संस्कार और गुरु के प्रति आस्था को अजमानी परिवार ने अपने जीवन में भी कायम रखा।
सुरेंद्र अजमानी सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं और विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से समाजसेवा में सक्रिय रहते हैं। वे कैट (CAIT) से भी जुड़े हुए हैं।
दिवाली से पहले ग्राहकों के लिए साइकिलों की नई रेंज
दुकान के दोबारा शुभारंभ के अवसर पर ग्राहकों के लिए बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक के लिए विभिन्न प्रकार की साइकिलों की बड़ी रेंज उपलब्ध कराई गई है। अलग-अलग मॉडल, रंग, डिजाइन और बजट के अनुसार साइकिलें उपलब्ध हैं। परिवार का कहना है कि कंपनी से सीधे माल लेने का प्रयास किया जाता है, ताकि ग्राहकों को बेहतर कीमत और अधिक से अधिक लाभ दिया जा सके।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज जनों एवं अन्य नागरिकों ने पहुंचकर अजमानी परिवार को दुकान के पुनः शुभारंभ पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
लोकल कारोबार को बढ़ावा देने की अपील
इस अवसर पर स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने की अपील भी की गई। कहा गया कि यदि ग्राहक अपने शहर के स्थानीय व्यापारियों से खरीदारी करते हैं तो इससे स्थानीय कारोबार मजबूत होता है और व्यापारियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
जय हिंद साइकिल स्टोर, बुधवारी बाजार, बिलासपुर ने अपने ग्राहकों से पुनः सेवा का अवसर देने की अपील की है।
हमर संगवारी परिवार की ओर से सुरेंद्र अजमानी एवं समस्त अजमानी परिवार को नई शुरुआत के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। गुरु महाराज की कृपा सदैव परिवार पर बनी रहे और कारोबार निरंतर उन्नति करे।
