बिलासपुर । शिवसेना के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा का दो दिवसीय बिलासपुर प्रवास बुधवार को संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक बैठक, सनातन धर्म वापसी कार्यक्रम, सम्मान समारोह और प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। उन्होंने संगठन को बूथ और मंडल स्तर तक मजबूत करने के साथ बिलासपुर के विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका की बात कही।
प्रवास के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया। संगठनात्मक बैठक में आगामी नगर निकाय एवं अन्य चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों और विस्तार पर चर्चा हुई। प्रदेश प्रमुख धनंजय परिहार के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर दिया गया।
डॉ. वर्मा ने अपने पिता, प्रख्यात साहित्यकार एवं पूर्व सांसद स्व. श्रीकांत वर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उन्होंने बिलासपुर से अपने परिवार के पुराने संबंधों को याद किया।
23 सितंबर को आयोजित सनातन धर्म वापसी कार्यक्रम में 35 परिवारों ने सनातन धर्म में वापसी स्वीकार की। डॉ. वर्मा ने सनातन को भारतीय जीवन-पद्धति, संस्कार और संस्कृति की परंपरा बताते हुए सामाजिक समरसता एवं धार्मिक स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने धर्मांतरण, गौ-संरक्षण और गौहत्या पर रोक के मुद्दे भी उठाए।
श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट के सम्मान समारोह में साहित्य, समाज, संस्कृति और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली हस्तियों को ‘श्रीकांत वर्मा सम्मान’ प्रदान किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. वर्मा ने बिलासपुर को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उनके माता-पिता की अनेक स्मृतियां शहर से जुड़ी हैं। उन्होंने बिलासपुर और छत्तीसगढ़ से अपने संबंधों को आगे भी मजबूत रखने तथा विकास के मुद्दों पर संवाद और सहयोग जारी रखने की बात कही। प्रवास के अंत में उन्होंने नागरिकों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और मीडिया का आभार जताया
