कटनी/-ढीमरखेड़ा विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल पड़रभटा में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वितरित की गई साइकिलें करीब एक माह बाद वापस लिए जाने का मामला सामने आया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा साइकिलें वापस लेने के बाद उन्हें शाला भवन में रख दिया गया है। वहीं, दूर-दराज के गांवों से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को अब पैदल ही आवागमन करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों को करीब एक माह पहले साइकिलों का वितरण किया गया था। विद्यार्थियों के हाथों में साइकिल आने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी, लेकिन करीब एक माह बाद स्कूल प्रबंधन ने कुछ छात्र-छात्राओं से साइकिलें वापस ले लीं।
पोर्टल पर मैपिंग के बाद अपात्र होने का हवाला
मामले में स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि विद्यार्थियों को पहले ऑफलाइन तरीके से साइकिलें वितरित की गई थीं। बाद में जब विद्यार्थियों की पोर्टल पर मैपिंग की गई तो संबंधित कुछ विद्यार्थी साइकिल वितरण के लिए अपात्र पाए गए। इसी वजह से वितरित की गई साइकिलें वापस ली गई हैं।
प्राचार्य के अनुसार विद्यालय को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर ऑफलाइन साइकिलें प्राप्त हुई थीं। मामले की स्थिति स्पष्ट करने और आगे की कार्रवाई के लिए प्राचार्य कार्यालय शासकीय हाईस्कूल पड़रभटा, विकासखंड ढीमरखेड़ा द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कटनी को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है तथा मार्गदर्शन मांगा गया है।
इन विद्यार्थियों के नाम सूची में शामिल
स्कूल द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में साइकिल वितरण के लिए अपात्र बताए गए छात्र-छात्राओं की सूची में रितिक पिता सीरा लाल, सत्येन्द्र पिता नोने लाल, बेदराम पाल पिता मुकेश कुमार, दिव्यांशु पिता दीपक, योगिता पिता अमता प्रसाद, रोहणी पिता प्रेमलाल, रिया पाल पिता सुदामा प्रसाद, मानवी पिता अमित और सानिया पिता ईश्वरी प्रसाद के नाम शामिल हैं।
अब पूरे मामले में सवाल यह है कि जब विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित करने के बाद करीब एक माह तक उनके पास रखी गईं, तो पोर्टल पर पात्रता की स्थिति पहले स्पष्ट क्यों नहीं हुई। फिलहाल साइकिलें स्कूल भवन में रखी हैं और विद्यार्थी स्कूल आने-जाने के लिए परेशान हो रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिलने वाले मार्गदर्शन के बाद ही साइकिलों के संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
