27 वर्ष पूर्व पंजवानी परिवार ने की थी मंदिर की स्थापना, अष्टमी पर होगा कन्या भोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन
चकरभाठा, बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर वार्ड क्रमांक 8, चकरभाठा स्थित जय मां अंबे मंदिर में माता रानी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के दौरान मंदिर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
मंदिर की स्थापना के 27 वर्ष पूरे हो चुके हैं। पंजवानी परिवार द्वारा स्थापित इस मंदिर की शुरुआत एक छोटे से मंदिर के रूप में हुई थी। मंदिर के संबंध में जानकारी देते हुए भागचंद पंजवानी ने हमर संगवारी को बताया कि उनके मन में माता रानी का मंदिर बनवाने की इच्छा थी। इसी भावना के साथ उन्होंने छोटे से मंदिर का निर्माण कराया। समय के साथ श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और लोग मंदिर से जुड़ते गए। आज यही छोटा-सा मंदिर एक सुंदर एवं भव्य धार्मिक स्थल का रूप ले चुका है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में मां गौरी जी एवं पंचमुखी हनुमान जी भी विराजमान हैं। वर्षों से श्रद्धालु यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। विशेष रूप से नवरात्र के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर में माता रानी के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और विश्वास देखने


को मिलता है।
श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना मंदिर
भागचंद पंजवानी के अनुसार, भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ माता रानी के दरबार में आते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से माता की आराधना करने पर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही आस्था लोगों को लगातार मंदिर से जोड़ रही है।
अष्टमी पर कन्या भोज और विशाल भंडारा
नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में कुंवारी कन्याओं को भोजन कराया जाता है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें भक्तजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता निभाते हैं।
मंदिर की देखरेख पंजवानी परिवार द्वारा की जा रही है। परिवार की धार्मिक आस्था, सेवा भावना और निरंतर प्रयासों से जय मां अंबे मंदिर आज चकरभाठा क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक शांति का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।
