बिलासपुर। 27 खोली स्थित गुरुद्वारे में आयोजित अलौकिक कीर्तन दरबार में श्रद्धालुओं को गुरु साहिब की पावन वाणी का श्रवण करने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
इस अवसर पर श्री दरबार साहिब, अमृतसर से बिलासपुर पधारे आदरणीय ज्ञानी रघुवीर सिंह जी, प्रमुख ग्रंथी, श्री दरबार साहिब का सानिध्य प्राप्त हुआ।
कीर्तन दरबार के दौरान गुरु साहिब की वाणी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा, समर्पण और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। गुरबाणी के मधुर स्वर और आध्यात्मिक वातावरण ने संगत को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक गुरु वाणी का श्रवण कर गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
आदरणीय ज्ञानी रघुवीर सिंह जी की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। गुरु साहिब की शिक्षाएं हमें आपसी प्रेम, भाईचारे, विनम्रता और निःस्वार्थ सेवा की भावना अपनाने की प्रेरणा देती हैं। गुरबाणी का संदेश केवल आध्यात्मिक उन्नति तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, समानता और मानव कल्याण की भावना को भी मजबूत करता है।
यह कीर्तन दरबार श्रद्धा, आध्यात्मिकता और गुरमत विचारों से जुड़ने का एक प्रेरणादायी अवसर बना। गुरु साहिब की पावन वाणी से प्राप्त शिक्षाएं सभी को सदैव सत्य, सेवा और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेंगी।
