
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, डॉ. धर्मेंद्र दास सदस्य आयुष विश्वविद्यालय रायपुर और फिल्म निर्माता बाबा देवांगन की गरिमामयी मौजूदगी में संपन्न हुआ ऐतिहासिक विजयादशमी महोत्सवबिलासपुर।बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की शाश्वत विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व राजकिशोर नगर में अप्रतिम उत्साह व जनसैलाब के बीच गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ। श्रीराम दशहरा उत्सव समिति द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में आयोजित 12वें दशहरा महोत्सव में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की आरती के उपरांत भव्य आतिशबाजी के बीच 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। असत्य पर सत्य की इस ऐतिहासिक विजय का साक्षी बनने पूरा मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।समारोह के मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण के स्वरूपों का विधि-विधान से पूजन कर आरती उतारी। उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा—”विजयादशमी महज एक उत्सव या पुतला दहन नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और समाज में फैले अन्याय को समाप्त करने का महासंकल्प है। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, धैर्य और कर्तव्यपथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। राजकिशोर नगर की श्रीराम दशहरा उत्सव समिति विगत 12 वर्षों से इस सांस्कृतिक व सामाजिक समरसता की धारा को अविरल बहा रही है, जो पूरे बेलतरा विधानसभा के लिए गौरव की बात है। जब तक समाज में राम के आदर्श जीवित हैं, तब तक रावण रूपी कोई भी बुराई हमारे सनातन मूल्यों को डिगा नहीं सकती।”समारोह के अतिविशिष्ट अतिथि, आयुष विश्वविद्यालय रायपुर के सदस्य डॉ. धर्मेंद्र दास ने कहा—”दशहरा पर्व आध्यात्मिक रूप से आत्मशुद्धि और वैचारिक विकारों के संहार का दिन है। आरोग्य और अनुशासन केवल शरीर के लिए नहीं, बल्कि समाज की आत्मा के लिए भी अनिवार्य हैं। रावण महापंडित और असीम ज्ञानी था, किंतु उसके अनियंत्रित अहंकार ने उसका समूल नाश कर दिया। आज समाज को इसी अहंकार से मुक्ति और प्रभु श्रीराम जैसी सादगी व सदाचार की जरूरत है। यहां उपस्थित मातृशक्ति और युवाओं का यह उत्साह बताता है कि हमारी सनातन संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी हैं।”विशिष्ट अतिथि, प्रख्यात फिल्म निर्माता एवं समाजसेवी बाबा देवांगन ने कहा—”सांस्कृतिक चेतना और जन-जागृति का ऐसा भव्य संगम विरले ही देखने को मिलता है। रावण का पतन इस शाश्वत सत्य की पुष्टि करता है कि पद, प्रतिष्ठा या बुद्धि कितनी भी विशाल क्यों न हो, यदि चरित्र और आचरण में धर्म नहीं है, तो अंत तय है। आज के दृश्य-श्रव्य और डिजिटल युग में हमारी युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के भटकाव से निकलकर प्रभु श्रीराम के मर्यादित चरित्र और त्याग से सीख लेनी चाहिए। वही समाज निरंतर प्रगति करता है जो अपनी आस्था और जड़ों से जुड़ा रहता है।”कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड क्रमांक 51 के स्थानीय पार्षद प्रीतेश सोनी ने की, जिन्होंने समिति के 12 वर्षों के निरंतर प्रयासों की सराहना की।आसमानी आतिशबाजी से जगमगाया अंबर, समिति की चाक-चौबंद व्यवस्था ने जीता दिलदहन से पूर्व हुई करीब आधे घंटे की रंगारंग और आधुनिक आतिशबाजी ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही अग्निबाण से दशानन का पुतला जल उठा, पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के नारों से गुंजायमान हो उठा।इस भव्य आयोजन को अनुशासित व सुरक्षित रूप से संपन्न कराने में श्रीराम दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष प्रणय सिंह ठाकुर, विवेक तिवारी, सोमदत्त पटेल, धीरेंद्र सिंह, रिंकू भाटिया छोटू सेलारकर दीपक भोसले दीपक गुप्ता सल्लू खान ,राजा गोस्वामी ,डोमन ,अजय ,सहित समिति के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाले रखा।
