
माढ़र / रायपुर :- मां संतोषी मां वैभव लक्ष्मी धाम मैं प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भीमां 51 देवी सती स्वरूपिणी माता जी के प्रति श्रद्धा और आस्था रखने वाले भक्तों के लिए 51 दिवसीय व्रत एवं मनोकामना कलश स्थापना का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी माता जी के व्रत प्रारंभ होने पर भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए 51 दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकते हैं।मनोकामना कलश स्थापना के नियमपोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, जो भक्त अपने घर में 51 दिनों के लिए मनोकामना कलश स्थापित करना चाहते हैं,

उन्हें कुछ नियमों का पालन करना होगा।तांबे के लोटे में स्वास्तिक बनाकर पूजा के लिए रखें।कलश में एक हल्दी, एक सुपारी और एक सिक्का डालें।नारियल के ऊपर मंत्रित मौली का धागा बांधकर उसे कलश के ऊपर रखें।कलश में थोड़ा पानी भरकर रखें।घर के दरवाजे पर चौमुखा दीपक 51 दिनों तक शाम को तेल से जलाएं। व्रत के अंतिम दिन सिक्का, हल्दी और सुपारी को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने की परंपरा बताई गई है।इसके अतिरिक्त, श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार बाल-दाढ़ी तथा नाखून न काटने एवं मांस-मदिरा का सेवन नहीं करने जैसे नियमों का पालन कर सकते हैं।9 दिसंबर को समापन कार्यक्रम, 10 दिसंबर को हवन-पूजनपोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर को व्रत समापन के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं, 10 दिसंबर को हवन-पूजन एवं 51 कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा।माता जी के भक्तों ने कामना की है कि मां 51 देवी सती स्वरूपिणी की असीम कृपा से सभी के घरों में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे। माता रानी सभी भक्तों के दुख दूर करें, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करें और प्रत्येक हृदय में माता के चरणों के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखें।जय माता दी!
