
बिलासपुर:** देश के सबसे बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी , राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र अजमानी , दिलीप खेंडेलवाल , बिलासपुर कैट जिला अध्यक्ष एवं नेहरू युवा केंद्र युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य हीरानंद जयसिंह , कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल , श्रीकांत पांडे , प्रमोद वर्मा, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, महामंत्री परमजीत उबेजा, अनिल राघवानी, उपाध्यक्ष प्रवीण सलूजा, हरदीप होरा,अरविंद वर्मा, संतोष पांडे , मुकेश लालचंदानी,कैलाश भीमनानी ,बंटी सचदेव एवं कैट बिलासपुर इकाई के सभी पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 42 साल पुराने भूमि विकास नियमों में किए गए ऐतिहासिक बदलावों का पुरजोर स्वागत किया है। कैट बिलासपुर जिला अध्यक्ष एवं नेहरू युवा केंद्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य हीरानन्द जयसिंह ने इस फैसले को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में राज्य सरकार का एक क्रांतिकारी कदम बताया है, जो प्रदेश के छोटे और मध्यम व्यापारियों को लालफीताशाही से बड़ी राहत देगा।श्री हीरानन्द जयसिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जमीनों के उपयोग के लिए ‘नेगेटिव लिस्ट’ मॉडल को लागू करना एक दूरदर्शी निर्णय है। पुरानी व्यवस्था में व्यापारियों को अपनी ही जमीन पर कोई नया व्यवसाय शुरू करने या लेआउट में मामूली बदलाव के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब केवल प्रतिबंधित कार्यों की सूची होने से यह स्पष्ट रहेगा कि व्यापारी क्या कर सकते हैं। अलग-अलग अनुमतियों और कागजी कार्रवाई के झंझट से मुक्ति मिलने से व्यापारियों का समय और ऊर्जा बचेगी, जिसका उपयोग वे अपने व्यापार के विस्तार में कर सकेंगे।उन्होंने मिश्रित भूमि उपयोग (Mixed Land Use) के प्रावधान को व्यापारियों और युवाओं के लिए बेहद लाभकारी बताते हुए कहा, “आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों के लिए लेआउट पास कराने की स्वतंत्रता मिलने से उन युवाओं और छोटे व्यापारियों को सीधा फायदा होगा, जो महंगे कमर्शियल किराए का बोझ नहीं उठा सकते। अब वे अपने घर के आसपास ही अपना व्यवसाय, दफ्तर या शोरूम शुरू कर सकेंगे। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिलासपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।”इसके साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों और मजदूरों के लिए आवासीय व्यवस्था (हॉस्टल, मकान) की अनुमति देने के फैसले की भी कैट ने सराहना की है। श्री जयसिंग ने स्पष्ट किया कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए एक स्थिर कार्यबल आवश्यक है। कारखानों के पास ही मजदूरों को आवास मिलने से उनका रोजमर्रा का संघर्ष कम होगा और औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होगी।अंत में जयसिंह ने कहा कि यह नया नियम केवल जमीनों का वर्गीकरण नहीं बदल रहा है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के व्यापारिक माहौल को अधिक उदार, पारदर्शी और विकासोन्मुखी बना रहा है। कैट राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, परमजीत उबेजा अएल ने राज्य सरकार के इस व्यापारी हितैषी कदम की सराहना करती है और यह मानती है कि इससे बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई और मजबूत गति मिलेगी।धन्यवाद **हीरानन्द जयसिंह**अध्यक्ष, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)बिलासपुर इकाई (छ.ग.) एवं नेहरू युवा केंद्र , युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य
