लेखराज मोटवानी/रीवा/ श्री सदगुरू देव स्वामी सन्तदास साहिब जी का 17वां वर्सी महोत्सव श्री सच खंड धाम सनातन मन्दिर (चिरहुला कॉलोनी) रीवा में स्वामी हंसदास और स्वामी सरूपदास जी के सान्निध्य में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित समय सायं 4:30 बजे हुआ। जिसमें उपस्थित भक्त समुदाय द्वारा श्री सुखमनी साहिब का सामूहिक पाठ किया गया।
तत्पश्चात स्वामी हंसदास और स्वामी सरूपदास जी द्वारा संगीतमयी प्रवचन के माध्यम से श्रीसद्गुरु देव स्वामी सन्तदास साहिब जी के जीवन के प्रेरक प्रसंग, उच्च आदर्शो, कल्याणकारी उपदेशों और मधुर भजनों का श्रवण कराया।
स्वामी हंसदास जी ने कहा कि संसारी जीव सदैव अपने स्वार्थ के बारे में सोचता है, परन्तु पूज्य गुरुदेव जी को हमने सदैव “सर्वजन हिताय” की भावना से ओतप्रोत देखा। वे दूसरे के दुःख से दुःखी और सुख से सुखी होते थे। स्वार्थ की भावना उनको कभी स्पर्श तक नही कर पाई।
अत्यंत उच्च आंतरिक स्थिति प्राप्त महापुरुष बाह्य व्यवहार में बहुत ही सहज और सरल थे।
रीवा नगरी अत्यंत सौभाग्यशाली है जो ऐसे ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की चरणधूलि इस धरती को प्राप्त हुई है।
उनके जीवन-दर्शन से प्राप्त आदर्शो को आत्मसात कर हम सभी को अपना जीवन को सफल बनाना चाहिए।
सत्संग प्रवचन के पश्चात श्री गुरु श्रीचन्द्र सिद्धांत सागर की अमृतमयी वाणी का भोग साहिब और मात्रा-वाणी का पाठ किया गया।
विश्व मंगल की कामना करते हुए आरती और प्रार्थना के बाद प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम सुखद समापन पूर्ण निर्धारित समय पर हुआ।
कार्यक्रम में सन्त समाज से भाई कृपालदास जी के अलावा सर्वश्री चंदीराम केशवानी, पप्पू मंजानी, अशोक रोहड़ा, राजकुमार टिलवानी, श्रीचंद्र कोटवानी, रमेश तलरेजा, रमेश वाधवानी,अशोक बजाज, प्रेम कुमार, शीतल ग्वालानी, सचिन डुडानी, सुनील चेलवानी,महेश हिरवानी, हरीश वाधवानी, राम नारवानी, गोपाल मंजानी सहित समाज के गणमान्य नागरिक, युवा वर्ग और माताओं बहिनो की शानदार उपस्थिति रही।