झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चक्करभाटा में साधु वासवानी मिशन पुणे कि प्रमुख दीदी कृष्णा कुमारी जी का दिव्य सत्संग समारोह का आयोजन किया गया जैसे ही कृष्णा दीदी का आगमन हुआ उनका भव्य आतिशबाजी के साथ ढोल बाजे के साथ बाबा गुरमुख दास सेवा समिति के द्वारा स्वागत किया गया मंदिर प्रवेश द्वार पर संतलाल सांई जी ने उनका अभिवादन किया बरखा भाभी मां झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप व महिला मंडल के सभी सदस्यों के द्वारा आरती उतारी गई फूलों की वर्षा की गई वह भक्ति भरे गीत गया गया मेरी झोपड़ी में राम आएंगे राम आएंगे राम आएंगे कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल व बाबा गुरमुख दास दादा साधु वासवानी दादा जेपी वासवानी के फोटो पर पुष्प अर्पण कर दीप प्रज्वलित करके की गई मुंबई महाराष्ट्र के मशहूर सिंगर नील तरलेजा के द्वारा भक्ति मेय संगीत भरा कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी गई अपने गीत व भजनों से लोगों का मन मोह लिया इस अवसर पर छोटी कन्याओं के द्वारा भक्ति भरे भजन पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी गई अब वह घड़ी आ गई जीसका सबको इंतजार था दीदी कृष्णा कुमारी जी ने अपनी अमृतवाणी में सत्संग में फरमाया की जन्म से लेकर मृत्यु तक कई रिश्ते नाते हमसे जुड़े हुए होते हैं कुछ रिश्ते
हम बड़े होने के पर बनाते हैं दोस्त यार मित्र का पर यह सब रिश्ते नाते एक समय तक ही साथ देते हैं जहां हमें तकलीफ परेशानी हुई वहां सब दूर हो जाते हैं बस एक रिश्ता ऐसा है जो जन्म से लेकर मरण के बाद भी साथ रहता है और वह है प्रभु का रिश्ता अगर आप भगवान से नाता जोड़ेंगे तो वह रिश्ता आपके इस जन्म के साथ-साथ आने वाले जन्म में भी साथ रहेगा हर आपके दुख सुख में साथ खड़ा रहेगा जैसे आप अपने घर वालों से बात करते हैं दुख परेशानी बताते हैं तो कोई इसका सॉल्यूशन बताया कोई उसका मजाक उडाऐगा पर आप अगर अपने भगवान से अपने प्रभु से बात करेंगे तो वह आपको इन तकलीफ परेशानियों से पार लगाएगा जब भी आप सुबह उठे पहले भगवान का ध्यान करें प्रार्थना करें और यह संस्कार बच्चों में भी डालें भगवान को पाने का सबसे सरल उपाय यही है प्रार्थना सच्चे मन से लगन से और ध्यान से अगर आप भगवान से प्रार्थना करेंगे तो वह प्रार्थना आपकी आवाज भगवान के कानों में पहुंच जाएगी बस जरूरत है विश्वास की उन्होंने
एक सत्य घटना दादा साधु वासवानी की बताई यह घटना है सिंध की है विदेश में कई लोग उन्हें पत्र व्यवहार किया करते थे दादा से कि आप यहां आए हमारे यहाँ घूमने के लिए आए सत्संग करने आए तो एक बार दादा अमेरिका गए वहां पर कुछ माह रुके
पर जब उन्हें वापस भारत आना था
तो उनके पास पैसा नहीं था
उन्होंने अपनी परेशानी दुख भगवान को बताइ भगवान से प्रार्थना की दूसरे दिन
उस देश की एक रानी ने सुबह संदेश भेजा दादा के पास की उनसे मिलना चाहती हैं दादा उनके पास गए उस रानी ने अपनी कई परेशानियां बताइ तकलीफ बताइ दादा ने सारी परेशानियां ठिक कर दिया सारी तकलीफ दूर की उन्होंने खुश होकर दादा से कहा यह छोटी सी भेंट है हाथ जोड़कर हम अपसे निवेदन करते है उसे स्वीकार करें उस रानी ने कहा यह आपका टिकट है जब भी आप भारत जाना चाहे जा सकते हैं
दादा ने तो उसे नहीं कहा था कि मैंरे पास पैसे नहीं है टिकट के लिए फिर यह चमत्कार कैसे हुआ यह चमत्कार से हुआ दादा ने यह परेशानी भगवान को बताई प्रार्थना की भगवान ने
चमत्कार किया
ऐसी ही एक सत्य घटना ओर है एक गांव में एक माया नाम की महिला रहती थी प्रतिदिन वह दुध निकाल के नदी के उस पर दूसरे गांव में जाकर एक संत के घर में दूध पहुंचाया करती थी और बाकी फिर सब गांव वालों को देती थी उसका नित्य नियम यह था पहले संत के घर में देना संत के दर्शन करना फिर बाकी गांव वालों को देना संत ने कहा था माया मैं सुबह 7:00 बजे आरती पूजा करता हूं 6:30 बजे तक तुम मेरे घर में दूध पहुंचा दिया करो ताकि मैं दूध पीकर चाय पीकर अपना नित्य नियम करूं प्रतिदिन और 6:00 बजे उठकर दूध निकाल कर 6:30 बजे नदी के पास पहुंच जाती थी आता था उसमें बैठकर वह नदी के उस पर पहुंच जाती थी कुछ दिन से नाव वाला देर से आ रहा था तो वह संत के घर में भी देर से पहुंच रही थी तो एक दिन संत ने कहा क्या बात है माया आजकल तुम बहुत लेट आ रही हो मुझे पूजा पाठ में देरी हो जा रही है तो उसने सारी बात उस संत को बताइ संत ने कहा तुझे नाव की क्या जरूरत है वह तो तुम ऐसी ही नदी पार करके आ सकती हो तो माया ने कहा संत जी वह कैसे तो उन्होंने कहा तुम सच्चे मन से दिल से भगवान रामचंद्र को याद करो उनका नाम लो और नदी में पांव रखकर सीधा पार करके आ जाओ सड़क की तरह माया को संत के ऊपर पूरा भरोसा था उसकी बातों पर पूरा विश्वास था वह दूसरे दिन दुध निकाल कर 6:30 बजे नदी के पास पहुंची भगवान रामचंद्र का नाम लिया राम राम और नदी में पांव रखकर सड़क की तरह चलकर उस पार पहुंच गइ गांव जब संत के घर पहुंची तो संत हैरान हो गया कि आज तुम तो बहुत जल्दी आ गई हो तो उसने पूछा दुध वाली माया ने सारी घटना बताई और कहा यह सब तो आपका चमत्कार हे आपने कहा था मैंने वेसा हि किया संत को विश्वास नहीं हुआ उसने कहा चलो मैं चलता हूं तुम्हारे साथ मुझे वापस जाकर तुम दिखाओ तो वह दूध वाली वापस नदी किनारे पहुंची भगवान रामचंद्र का नाम लेकर नदी के ऊपर चलकर वापस अपने गांव पहुंच गई संत यह नजारा देखकर हैरान हो गया और उस दूध वाली माया के चरणों में गिर गया और कहा आज से तू ही मेरी गुरु है उस संत को विश्वास नहीं था कभी उन्होंने ऐसा किया नहीं था पर उस दूध वाली को विश्वास था वह संत की बातों पर
भगवान को हमने देखा नहीं है लेकिन विश्वास है जब आप सच्चे मन से प्रार्थना करेंगे तो आपके साथ-साथ खुद भगवान के दर्शन हो जाएंगे किसी ने किसी रूप में भगवान अपने भक्त को दर्शन जरूर देते हैं और उनके दुख दर्द भी दूर करते हैं और दूसरी बात जो कुछ भी मिले उसमें शुकराना करें
अंत में संत लाल सांई जी बरखा भाभी मां के द्वारा दीदी कृष्णा कुमारी जी का शाल ओढाकर सम्मान किया गया
डॉ रमेश कलवानी संत लाल सांई जी का स्वागत व सम्मान किया
सत्संग के आखिर में आरती की गई पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया सभी साध संगत के लिए आम भंडारे का आयोजन किया गया सभी भक्त जनो ने भंडारा ग्रहण किया इस पूरे आयोजन का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया हजारों की संख्या में घर बैठे भक्त जनो ने आज के कार्यक्रम का आनंद लिया इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या लोग बिलासपुर चक्करभाटा बिल्हा भाटापारा रायपुर दुर्ग रायगढ़ शहरों से शामिल हुए थे इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में बाबा गुरमुख दास सेवा समिति झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप महिला मंडल के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा