बिलासपुर/ मध्य भारत का आधुनिक अस्पताल अब आपके शहर में उपलब्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. डॉ. दयाराम कलवानी जी की स्मृति में उनके पौत्रों:-
डॉ. रौनक कलवानी प्लाष्टिक कॉस्मेटिक माइक्रोसर्जन (M.ch Tata Memorial Hospital Mumbai)
डॉ. अभिषेक कलवानी शिशु रोग विशेषज्ञ (असिस्टेंट प्रोफेसर बिलासपुर मेडिकल कॉलेज)
डॉ. अंकिता अग्रवाल कलवानी (एम.डी एस. आथोंडोक्टिकस सदन) फेस एवं बाडी कॉस्मेटोलॉजिस्ट लंदन
डॉ. एकता कलवानी डी. सी. पी. पी. जी. पी. एन पैथालॉजिस्ट न्युट्रिशनिस्ट
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के द्वारा अत्याधुनिक अस्पताल खोला गया है। चेयरमेन डॉ. रमेश कलवानी द्वारा बताया गया कि उनके पूज्य पिता जी स्व. श्री. डॉ. दयाराम कलवानी ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से M.B.B.S. की पढाई करने के पश्चात पीडित मानवता की सेवा हेतू उन्होने 60 वर्ष तक अपनी चिकित्सा सेवाएँ देते रहे। उनका मानना था कि भारत देश गांवों में बसता है। परन्तु गांवों में सुविधाओं का अभाव है, अतः गांवों में संवाएं देनपी चाहिए उन्होने यही शिक्षा अपनी अगली पीढी को दी और आपने बेटे और बेटियों को भी पिड़ित मानवता की सेवा हेतु प्रेरित किया। और पिता के इस महान सेवा कार्य को देखते हुए उनके बच्चों ने भी डॉक्टरी पेशे को चुना सेवा की इसी कड़ी में अपने पिता से मिले ज्ञान शिक्षा और सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए डॉ. रमेश कलवानी जो कि विगत 35 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र चकरभाटा में अपनी सेवाएं दे रहे है। ओर उन्होंने अपने सभी बच्चों को अपने दादा डॉ दयाराम कलवानी जी के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रसित किया ओर आज उनके बड़े पुत्र डॉ. रौनक कलवानी M.B.B.S. की
पढ़ाई बिलासपुर मेडिकल कॉलेज से करने के पश्चात M.Ch Plastic सर्जरी की डिग्री देश के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल टाटा मेमोरीयल हॉस्पिटल मुम्बई से प्राप्त की और उन्होंने अपना कार्यक्षेत्र बिलासपुर ही चुना।
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उनके दुसरे पुत्र डॉ. अभिषेक कलवानी शिशुरोग विशेषज्ञ है और बिलासपुर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहें है। डॉ. अंकिता कलवानी आर्थोडिस्टिस्ट एवं कॉस्मेट्रोलाजिस्ट है। तथा डॉ. एकता कलवानी पैथोलॉजिस्ट एवं न्यूरोनिष्ट है, एवं डॉ. सोनल कलवानी रेडियोलाजिस्ट है। कलवानी परिवार बिलासपुर क्षेत्र का पहला परिवार है जिसके सभी सदस्य दादा से लेकर पोते-पोती, नाति-नतनिन तक सभी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े है और बड़े हर्ष का विषय है कि उन्होने भी अपनी कार्य क्षेत्र बिलासपुर को चुना है। जहां आज की युवा भविष्य देख रहें है। परन्तु इस कलवानी के सभी सदस्य अपनी जन्म स्थिली संस्कार धानी बिलासपुर में अपने सेवाएं देने को तत्पर है। उनका सोचना है कि हम भी अगर दूसरे की भाति सिर्फ अपने लिए ही सोचेंगे और बाहर जाकर बस जाएंगे तो अपने शहर और परिवार के साथ न्याय न होगा। जब हम ही अनने शहर में नहीं रहना चाहेंगे तो बाहर से दूसरे डॉ. यहां कैसे सेवाएं देगें।
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अपने शहर और क्षेत्र की सभी परिस्थितियों को देखते हुए बिलासपुर क्षेत्र को चिकित्सा सुविधायों में अग्रणी बनाने और बेहतर स्वास्थय सेवाएं देने हेतु बचन बध्य है और इस कड़ी में आज बिलासपुर शहर में मध्य भारत का सबसे आधुनिक सर्जिकल एवं नॉन सर्जिकल UMCC (अल्ट्रा मार्डन कॉस्मेटिक केयर अस्पताल) खुल गया है। जिसकी विधिवत उद्घघाटन
सिंधु अमर धाम आश्रम के संत लाल सांई जी
श्री धरम लाल कौशिक जी श्री धरमजीत सिंह जी डॉ ललित मखीजा किरण चावला, महापौर रामशरण यादव जी डॉक्टर दुष्यंत जायसवाल डॉ विनोद तिवारी के द्वारा दीप प्रज्वलित करके रिबन काटी गई ओर विधि पूर्वक अस्पताल का उद्घाटन किया
इस अवसर पर सभी सम्मानित अतिथियों ने डॉक्टर रौनक कलवानी डॉक्टर अभिषेक कलवानी एवं समस्त कलवानी परिवार को बहुत-बहुत बधाइयां दि शुभकामनाएं दी
संत लाल सांई जी ने अपनी आशीष वचन में कहा की इस दुनिया में भगवान के बाद अगर भगवान का दर्जा किसी इंसान को मिला है तो वह डॉक्टर को मिला है क्योंकि भगवान तो जन्म देता है पर डॉक्टर उसे मौत से मुंह से बाहर निकाल लेते हैं वह नया जीवन देते हैं इसलिए डॉक्टर को भी भगवान कहा गया है उन्होंने कहा कि पुराने समय सत्ययुग ,द्वापर युग में डॉक्टर नहीं थे उस समय डॉक्टरी का जो रूप है वह वेद के रूप में था उस समय वेद जो है जड़ी बूटियां से लोगों का इलाज करते थे जैसे लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए संजीवनी जड़ी बूटी से इलाज किया ओर नया जीवन दिया
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ऐसे हमारे धार्मिक ग्रंथो में कई बातें लिखी गई है वह इसके प्रमाण भी हैं जैसे जैसे युग बदलता गया कलयुग आया तो अब जान बचाने वाले को डॉक्टर का दर्जा मिला डॉक्टर बनना कोई आसान बात नहीं है
हर कोई डॉक्टर नहीं बन सकता है उसके लिए जज्बा होना चाहिए वैसा प्यार होना चाहिए वैसी पढ़ाई के प्रति सम्मान होना चाहिए वह इंसानों के प्रति संवेदना व समझ होनी चाहिए पढ़ाई तो बहुत करते हैं लोग लेकिन कुछ लोग ही डॉक्टर बन पाते हैं और आजकल डॉक्टर की पढ़ाई भी बहुत कठिन हो गई है हर बीमारी के अलग-अलग विषज्ञ के बन गए हैं और हमें बहुत खुशी हो रही है कि हमारे क्षेत्र के कलवानी फैमिली, एक ऐसी फैमिली है जीसका पूरा परिवार डॉक्टर पैछै से जुड़ा है और सेवा में लगा हुआ है और बड़े गर्व की बात है कि उनके सुपुत्र मुंबई जैसी बड़ी सिटी में बड़े अस्पताल में डॉक्टरी का कार्य पूरा करके अपने जन्मभूमि बिलासपुर क्षेत्र में हॉस्पिटल खोली है बड़े शहरों में तो बहुत सारे डॉक्टर मिल जाएंगे लेकिन अपने छोटे शहर में लोग परेशान हो जाते हैं इसलिए आज उन्होंने एक युवाओं को नया मंत्र भी दिया है
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और नई राह भी दिखाई है कि आप कितनी भी पढ़ाई कर ले कितने भी ऊपर पहुंच जाए पर अगर सेवा देनी है तो पहले अपनी मातृभूमि की दें पहले फर्ज अपने मातृभूमि के प्रति है और हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कोई भी अगर मरीज आता है तो 100% संपूर्ण ठीक होकर यहां से जाए कार्यक्रम के आखिर में सभी अतिथियों का छाल ओढाकर श्रीफल देकर स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया
रोनक कलवानी ने कहा कि यह अस्पताल खोलने का कारण सिर्फ पैसा कमाना नहीं है बल्कि सेवा करनी है कम खर्चे में लोगों को मुंबई दिल्ली बेंगलुरु जैसी सुविधा मिले अपने शहर में मिले यही हमारा सपना है और इसे हम आज पूरा करने जा रहे हैं
एक ही छत के नीचे कई सारी बीमारियों का इलाज भी होगा वह कम खर्चे में भी होगा