( तीन दिवसीय , कार्यक्रम का आयोजन किया गया व सिंधी एकता दिवस मनाया गया)

सिंधी एकता दिवस के अवसर पर पूज्य सिंधी जनरल पंचायत चकरभाठा में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया 12 जनवरी को सुबह 10:00 बजे श्री अखंड पाठ साहब आरंभ हुआ एवं भजन कीर्तन किया गया जिसका समापन 14 जनवरी दिन मंगलवार को श्री भोग साहब लगाया गया, इस अवसर पर बड़ौदा गुजरात से
संत शिरोमणि स्वामी वासदेव साहिब एवं संत शिरोमणि स्वामी सुंदरदास साहिब का प्रवचन एवं ,भजन कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया संतो के द्वारा आए हुए भक्तजनों को अपने, रूहानी, दर्शन दिए वह अमृतवाणी से सत्संग का रसपान कराया इस अवसर पर पूज्य संधि पंचायत चक्करभाटा के अध्यक्ष व पदाधिकारीयो के द्वारा संतों का स्वागत व सम्मान किया गया पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जैसवानी ने सिंधी एकता दिवस जो की 30 सालों से मनाया जा रहा है वह क्यों मनाया जाता है इसके बारे में उन्होंने जानकारी दी, उन्होंने बताया कि सन 1970 में गुजरात के ही बड़ौदा से एक संत आए थे और हमारे बड़े जो लोग थे उनसे स्वागत सत्कार में एक अनहोनी हो गई भूल हो गई जीसके कारण व संत नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि आप जहां पर हो वहीं पर रहोगे उनके जाने के बाद जो चक्करभाटा नगरी फूलों की तरह महकती थी खुशबू फैलती थी वह धीरे-धीरे कम होती गई वह खुशबू भी चली गई लोगों के बिजनेस में भी बहुत असर पड़ा कई दुकानें बंद हो गई बड़े-बड़े मार्केट यहां से चले गए यहां का विकास रुक गया धीरे-धीरे चक्कर भाटा अंधकार की ओर जाने लगा जब बड़े लोगों को एहसास हुआ कि इस सब का कारण हमारी भूल थी तो उन्होंने अपने भूल सुधार करने के लिए बड़ौदा गुजरात पहुंचे वह संत के माफी मांगी वह सारी घटना बताई ओर कहा की फिर से चक्करभाटा को हरी भरी नगरी बना दीजिए तो संत ने कहा ठीक है मैंने आप सभी को क्षमा किया और चक्करभाटा फिर से हरी भरी नगरी रहेगी लेकिन आप सबको एक होना होगा और सिंधी एकता दिवस के रूप में उस दिन को मानना पड़ेगा और मैं आऊंगा प्रत्येक वर्ष सन 1994 से मकर संक्रांति के दिन सिंधी एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है और वहां से संत जी भी आते हैं सत्संग कीर्तन करके हमें आशीर्वाद प्रदान करते हैं उस दिन के बाद चक्करभाटा नगरी फिर से हरी भरी होने लगी विकास होने लगा लोग दिन दुनि 🌃रात चौगनी तरक्की करने लगे और आज चक्करभाटा संत नगरी धर्मनगरी के नाम से जाना जाता है कार्यक्रम के आखिर में आरती की गई पल्लव पाया गया अरदास की गई आम भंडारे का आयोजन किया गया बड़ी संख्या भक्त जनो ने भंडारा ग्रहण किया आज के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए
बिलासपुर सिंधी युवक समिति के पदाधिकारि भी पहुंचे जिनका सम्मान किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने गुरु की अरदास कर शिरोमणि संतों का आशीर्वाद लिया एवं प्रभु भंडारा का प्रसाद चखा।सिंधी एकता दिवस सिंधी समुदाय के लोगों को एकजुट करने और उनकी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को प्रदर्शित करने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर सिंधी युवक समिति के संयोजक एवं संरक्षक अमर बजाज संरक्षक मनोहर खट्वानी संरक्षक कैलाश मलघानी अध्यक्ष मनीष लाहोरानी, हमर संगवारी के प्रमुख विजय दुसेजा के साथ चकरभाटा पंचायत के अध्यक्ष सुरेश फोटानी, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जैसवानी, किशोर जगवानी, किशन पुरससवानी, बल्लू आडवाणी इत्यादि सब साथ साथ थे