75 वर्ष पूर्व आज के दिन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था भारत के माउंट आबू पहुंची

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बीके रूपा ने कहा कि 5 मई 1950 को ब्रह्मा बाबा लगभग साढे तीन सौ यज्ञ वत्सों के साथ कराची से माउंट आबू पहुंची। इन 75 वर्षों मे यह संस्था पूरे विश्व मे विस्तारित हो परमात्मा के संदेश देने का कार्य कर रही है।

माउंट आबू पहुचने के बाद ऐसा भी दिन आया जब भंडार बिलकुल खाली हो गया। तब पूछने पर मुख्य संचालिका मम्मा ने कहा कि सबसे पहले भोग परमात्मा को लगना है। परमात्मा कभी भूखा थोडी रहेगा। उस दिन भी भोजन की व्यवस्था हुई और उस दिन के बाद परमात्मा ने कभी भूखे रहने नही दिया।
आगे कहा कि पवित्रता परमात्मा के करीब लाती है। परमात्मा शांति के सागर है। पवित्रता की धारणा के साथ परमात्मा की यथार्थ याद रहे तो दूसरों को भी शांति का सहज अनुभव करा सकते है