विजय की कलम
बिलासपुर :- इस सदी की सबसे बड़ी दुर्घटना अहमदाबाद में घटी बोइंग विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त 275 से अधिक यात्री मारे गए देशभर में शोक की लहर उठी और कई सवाल भी उठे करीबन 1:40 बजे अहमदाबाद से लंदन जाने के लिए विमान ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे अहमदाबाद से उड़ान भरी और कुछ ही मिनट के बाद मेघानी नगर में एक बिल्डिंग से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और सबसे बड़ी दुखद बात और है कि ईस बिल्डिंग में एक हॉस्टल था जहां पर डॉक्टर रहते थे और उस समय वहां पर दोपहर का भोजन कर रहे थे इस दुर्घटना में जिंदगी बचाने वाले डॉक्टर भी अपनी जान गवा बैठे और कई जिंदगी और मौत के बीच में लड़ाई लड़ रहे हैं, अनेक घायल भी हो गए हैं इस भयंकर दुर्घटना में सबसे बड़ी चौकाने वाली बात यह है कि विमान का पिछला हिस्सा तो बिल्डिंग में अटक गया लेकिन आगे का हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया मानव जैसे कोई कागज का बना हो आज तक ऐसी दुर्घटना अपने जीवन में हमने कभी नहीं देखी ओर ना ही सुनी है कि विमान एकदम जल कर खाक हो जाए बड़े चौंकाने वाली बात है इस दुर्घटना से विमान कंपनी पर भी अनेक सवाल उठ रहे हैं और जैसा कि अभी हाल ही में पता चल रहा है कि इस कंपनी के अनेक विमानों में भी दुर्घटनाएं हो चुकी है अर्थात कि यह विमान कंपनी विश्वनीय नहीं रही और ना ही इसके बनाए हुए विमान विश्वनीय है ?
सरकार के साथ-साथ जनता को भी और सोचना पड़ेगा कि इसके विमान में हम लोग👫👬👭सफर करें कि नहीं ? क्योंकि इस कंपनी के विमान कम और लोगों की लाशों की कब्र ज्यादा नजर आती है?
ऐसी कंपनियां अपने फायदे के लिए मानवीय चिंतन कम कर कुछ ऐसा कर रही है जिससे मनीवय जीवन उनके लिए कोई भी अहमियत नहीं रखता है?
उन्हें सिर्फ अपना मुनाफा चाहिए चाहे लोगों के जीवन से मिले या उसके मरने से मिले?
भारत सरकार को चाहिए कि इस कंपनी के जितने भी विमान हैं इसकी बारीकी से जांच की जाए और हो सके तो इस कंपनी के विमान जो कंपनियां हवाई सेवा भारत में दे रही है वे इन्हें अपने बेडे़ से हटाना शुरू कर दे इससे उन कंपनियों का भी फायदा होगा और मानवीय जीवन भी बचा रहेगा?
जब तक यह कंपनी अपने विमान में सुधार नहीं करती है ओर यह साबित ना हो जाए कि यह विमान अब पूर्ण रूप से उचित मापदंड के अनुरूप है व परिचालन योग्य है तब तक पूरे भारत व किसी अन्य देशों में भी इस कंपनी के विमान के परिचालन के लिए अयोग्य करार करें
भारत सरकार को चाहिए जब हम अपना फाइटर प्लेन बना सकते हैं तो हम यात्री विमान भी क्यों नहीं बना सकते हैं ? अब इस और कदम उठाने की जरूरत है मेक इन इंडिया के तहत भारत सरकार अपना यात्री विमान स्व निर्माण की ओर अग्रसर हो अब इस और 👣कदम बढ़ाना चाहिए एवं एक नई शुरुआत करें कि भारत का यात्री अपने ही देश में बने हुए प्लेन में सफर करेगा इस विमान दुर्घटना ने अनेक जिंदगियां खत्म कर दी कहने को तो 275 लोगों की जान गई है पर वास्तव में कई जानें गई है जिनके परिवार के सदस्य गए हैं क्या अब वे जिंदगी पहले जैसी जी पाएंगे?
और सबसे बड़ी खुशकिस्मती भी है कि इस विमान दुर्घटना में मात्र एक व्यक्ति बच गया जो गेट के पास वाली सीट पर बैठा था जिसे कहते हैं की दुर्घटना के पहले छलांग लगाकर अपनी जान बचा ली,
(ईसे कहते हैं,जाको राखे साइयां मार सके ना कोई)
बारिकी से जांच की जाए कि
विमान दुर्घटना कोई साजिश है या मानवीय चूक है?
अभी तक जो खबरें आ रही हैं अब धीरे-धीरे परत दर परत पर्दा उठ रहा है जैसा कि सोशल मीडिया में व अखबारों में बताया जा रहा है कि इसके दोनों इंजन फेल हो गए थे जितनी भी दुर्घटनाएं हुई है उनमें दोनों इंजन फेल होना कोई मामूली घटना नहीं है इससे यह स्पष्ट होता है कि यह विमान बनाने वाली कंपनी अब विश्वनीय नहीं रही उसकी तकनीक में कहीं ना कहीं अब कुछ कमी रह गई है इसके कारण दोनों इंजन फेल होना वह भी विमान के टेक आफ करते ही तुरंत ,
इसका मतलब स्पष्ट है कि विमान में खराबी पहले से ही मौजूद थी? जिसकी जानकारी अधिकारियों अथवा पायलट को नहीं थी यहा इन दोनों ने अनदेखा किया?
यह तो जांच का विषय है
पर जो विमान चालक हैं उन्हें खराबी की जानकारी ना हो ऐसा हो नहीं सकता है?
कहीं ना कहीं इसमें कंपनी भी जिम्मेदार है कि उन्होंने अपने लंबी दूरी के विमान की देखरेख ठीक से नहीं की या नहीं कर पा रही है?
सिर्फ मुआवजा देने से आपके पाप या आपकी जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती है?
सरकार को इनकी जवाबदारी तय करनी होगी और जो भी इस घटना के जिम्मेदार हैं चाहे वह विदेश में बैठे हो चाहे वह अपने देश में हो उन सबको बराबर की सजा मिलनी चाहिए और ऐसी सजा मिलनी चाहिए ताकि दोबारा किसी भी कंपनी का विमान दुर्घटना का शिकार ना हो और इस प्रकार की लापरवाही इंसानों के साथ ना हो,
अभी तक की खबरों के अनुसार इसमें कोई साजिश नजर नहीं आ रही है तकनीकी खराबी ही नजर आ रही है?
पर इसमें बहुत बड़ी लापरवाही जो है वह सामने आ रही है इस लापरवाही के जिम्मेदार दोनों कंपनियां हो सकती है ?
जो एक विमान उड़ा रही है ओर दूसरी जिसने विमान बनाया है?
इस दुर्घटना से कई ऐसे परिवार 👨👦👧👩👴👵 उजड़ गए जिनकी एक ही संतान थी वे भी इस दुर्घटना के शिकार हो गये और कई ऐसे लोग थे जो अपने परिवार के साथ ही यात्रा कर रहे थे और मारे गए कई माता-पिता के दीपक बुझ गए अब अपना बुढ़ापा अंधेरों में खोने के लिए गुजारने के लिए वे मजबूर हो गए कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनके ऊपर से माता-पिता का साया उठ गया कई ऐसे भाई बहन भी हैं जिनकी इस दुर्घटना में मौत हो गई गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी इस दुर्घटना में मारे गए जो बड़ी दुखद घटना है जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि यह दुर्घटना कोई सामान्य नहीं है? बल्कि असामान्य है और बहुत सारे सवालों को पैदा करती है जिसका जवाब ढूंढना और मिलना बहुत जरूरी है समय के साथ-साथ लोग इस दुर्घटना को भूल जाएंगे पर हमें नहीं भूलना है जब तक इसका सच सामने ना आ जाए और दोषियों को सजा न मिल जाए क्योंकि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है बल्कि आने वाली अन्य दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी जरूरी है कि इसकी सही-सही पड़ताल की जाए और जितने भी देश में विमान उड़ रहे हैं इसकी बारीकी से पड़ताल और जांच की जाए सरकार 10 ,से
15 साल पुराने वाहन को बंद करवा देती है सड़कों पर न चले तो फिर विमान को उड़ाने की स्वीकृति कैसे दी जाती है ?
उसकी फिटनेस की जांच कौन करते है ? कब करते है ? कैसे करते हैं ?
क्या यात्रियों को बताया जाता है कि जिस विमान में वे सफर कर रहे हैं वह कब बना है कितने वर्ष हो गए हैं और उसकी फिटने की जांच कब की गई थी व कितने विमान अभी उड़ने योग्य है? और उसके इंजन सही है ? और जो विमान उड़ा रहा है वह पायलट कितना अनुभवी है क्या यह सब जानकारी यात्रियों को दी जाती है?
सिर्फ पैसा कमाने के होड़ में इंसानों की मौत आजकल आलू प्याज की तरह हो गई है जैसे सड़कों पर टमाटर किसान फेंक देते हैं क्योंकि उसका निर्धारित मुल्य नहीं मिलता है ?
और गाड़ियां उनके ऊपर चढ़ जाती है वैसे ही आज इंसानों का जीवन भी हो गया है देखिए सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना और अब हवाई दुर्घटना आम बात होने लगी है?
सरकार जांच बैठाती है और जांच चलती रहती है दुर्घटनाएं होती रहती हैं 🚙💥🚗-दुर्घटनाए रुकती नहीं है और उस जांच का क्या परिणाम होता है ? क्या फैसला होता है ? दोषियों को सजा मिलती है कि नहीं ? आज तक पता नहीं चल सका है क्योंकि इंसान की कीमत आलू, प्याज और टमाटर जैसी हो गई है?
देश में आबादी बढ़ रही है, गरीबी भी बढ़ रही है कहने को गरीबी घट रही है पर हकीकत में गरीबी बढ़ रही है क्योंकि महंगाई भी बढ़ रही भारत में अभी भी 70 से 80% लोग आज तक हवाई सफर नहीं कर पाए है जैसा कि यह जानकारी सोशल मीडिया से आ रही है यदि यह हकीकत है तो आप कैसे कह सकते हैं कि गरीबी घट रही है जबकि सरकार छोटे-छोटे शहरों में हवाई सेवा चालू कर चुकी है उसके बाद भी यह हाल है तो कैसे कह सकते हैं गरीबी घट रही है ? इसलिए इंसान की कीमत सब्जियों से ज्यादा नहीं रही ?
उन इंसानों की कीमत है जो पद में बैठे हैं या फिर पैसे वाले हैं गरीबों की कीमत कुछ नहीं है देश में प्रतिदिन होने वाली दुर्घटनाएं कम क्यों नहीं हो रही है?
बढ़ क्यों रही हैं ? जो की सरकार इतनी जांच बैठाती है उस जांच के बाद आने वाले रिपोर्ट पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है?
हमें आशा है कि अहमदाबाद में हुई हवाई दुर्घटना से सरकार सबक लेगी दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी भयानक दुर्घटना ना घटे इसके लिए पूरी तरह गंभीरता से चिंतन कर उपाय किए जाएं और दोषियों को सजा मिलेगी ओर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी ,
अधिकारियों ओर कंपनियों को चाहिए कि भारत में रहने वाले इंसानों की कीमत सब्जियों के बराबर ना आकी जाए?
बल्कि अपने औलाद के बराबर नापी जाए
(इंसाफ जरूर मिलेगा हमें यह भरोसा है, मोदी जी से)
( सिंदूर उजाड़ने वालों को तो सजा मिली, पर किसी का जीवन किसी की कोख उजाड़ने वालों को सजा कब मिलेगी यह देखना है अब ? ) (संपादकीय)