देशभर में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा भक्ति ओर हर्षो उल्लास के साथ मनाया गया यह पर्व सनातन धर्म की परंपरा है यह आद्वि काल से चला आ रहा है यह सिर्फ एक र्पव नहीं है बल्कि गुरु और शिष्य का एक अनमोल बंधन है वैसे तो गुरु की पूजा अर्चना साल भर होती है पर यह दिन खास है क्योंकि इस दिन जो भी शिष्य हैं व साल भर में अनजाने में कोई गलती हो जाती है कुछ पाप हो जाता है तो उसका प्रायश्चित इस दिन होता है गुरु से क्षमा मांग कर गुरु की विधि विधान से पूजा अर्चना करके गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर दिया गया है क्योंकि भगवान भी जब सृष्टि में जन्म लेते हैं तो उन्होंने भी अपना गुरु बनाया है चाहे वह राम हो चाहे वह कृष्ण हो उन्हें भी अपना गुरु बनाना पड़ा है और बिन गुरु ज्ञान नहीं मिलता है गुरु सिर्फ ज्ञान का सागर नहीं है बल्कि भगवान को प्राप्त करने का एक सरल सुगम मार्ग है आज इस पावन पर्व पर

श्री जीवतपुरी गोस्वामी दुर्गा माता मंदिर मढ़ी लिली चौक रायपुर में गुरु पूर्णिमा उत्सव बड़े ही हर्षो उल्लास के संग मनाया गया सतगुरु मंहत अनंतपुरी गोस्वामी जी के सानिध्य में कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:00 बजे परम पूजनीय सतगुरु बाबा श्री किशनपुरी गोस्वामी जी का दुग्ध अभिषेक किया गया नए वस्त्र धारण कराए गए विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई सत्यनारायण भगवान की कथा की गई
🌏विश्व शांति और कल्याण के लिए हवन, यज्ञ किया गया 2:00 बजे आम भंडारा गुरु का प्रसाद भक्तों के लिए रखा गया ,
देश के अलग-अलग प्रदेशों के शहरों से आए हुए भक्तजनों,व शिष्यो ने सतगुरु महंत अनंतपुरी गोस्वामी जी की पूजा अर्चना की शुरुआत में एक बड़े से बर्तन में गुरु के चरणों को गंगाजल ओर दूध से अभिषेक किया गया गुलाब की पंखुड़ियां से रखकर,

तिलक बंधन लगा कर उनकी पूजा की गई फूलों की माला पहनाई गई पाखर पहना गया साफा पहनाया गया विधि विधान से पूजा की गई आरती उतारी गई फल एवं मिठाई का भोग लगाया गया अंत में गुरु जी ने सभी को आशीर्वाद दिया रात्रि 8:00 बजे भक्ति मय संगीत मय कार्यक्रम का आयोजन किया गया , ईस पावन अवसर पर प्रयागराज से भागवत आचार्य पंडित ओम पांडे जी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे वह सभी भक्तजनों को अपने रूहानी दर्शन दिए वह अपनी अमृतवाणी से उनको निहाल किया कई शहरों से अलग-अलग कलाकार भी पहुंचे जिसमें नागपुर से किशोर उदासी जी, गोंदिया से सोहन जी, रायपुर से दीपक कुकरेजा जी, प्रदीप प्यासी जी, राजू महाराज जी, गनी उदासी जी,जानवी उदासी जी, विशाल खट्टर जी,पवन चावला जी, राहुल चावला जी, भंसाली जी व अन्य कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज में कई भक्ति भरे सुंदर गीत व भजन की शानदार प्रस्तुति दी जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन भाव विभोर हो गए अब समय आ गया जिसको सभी को इंतजार था गुरुजी के अमृत वचनों का रसपान करने का गुरु जी ने अपने अमृत वचनों में प्रथम जो वाक्य बोला , वह है,

हिंगलाज माता की जय, दुर्गा माता की जय, सनातन धर्म की जय, 33 कोटी प्रकार के देवी देवताओं की जय, गौ माता की जय ,
गुरु पूर्णिमा की सभी भक्तजनों को शिष्यो को अनंत अनंत बधाइयां व शुभकामनाएं उन्होंने कहा भारत देश में धर्म एक ही है वह है संनातन धर्म बाकी सब पंथ हैं और हम भाग्यशाली हैं कि हम संनातन धर्म में जन्म लिया हमारी जाति सिंधी है पर हम धर्म से संनातनी हैं राम और कृष्ण के हम संतान हैं आज समाज में कुछ कृर्तियां ने जन्म लिया है उन कृतियों को खत्म करना है जैसे भगवान ने अवतार लिया था पापियों को खत्म करके धर्म की ध्वजा लहराई थी उसी तरह हमें भी समाज में जो कृरीतियां आ गई है उन कृतीयो को खत्म करके संनातन की धर्म ध्वजा वापस लहरानी है काम ऐसा करें जिससे समाज का भी और धर्म का भी और अपने शहर प्रदेश और देश का भी नाम गर्व से ऊंचा हो,
पैसे का सदुपयोग करें ना कि दुरुपयोग करें, और पैसे का घमंड ना करें समाज में, जरूरतमंद लोगों की जितनी ज्यादा हो सके सेवा करें ,

भगवान ने आपको इस लायक बनाया है और आपको दिया है तो आपको खुश होना चाहिए कि हम देने वालों में हैं लेने वालों में नहीं है अगर समाज का एक भी 👤व्यक्ति दुखी है संकट में है और समाज के मुखी सेवादारी उनकी मदद नहीं कर रहे हैं तो यह बड़ा दुर्भाग्य है
और जो समाज का अध्यक्ष बनता है वह कुर्सी सेवा के लिए मिली है ना की अन्य कार्य के लिए तो कुर्सी में बैठने से पहले यह सोच ले कि यह कुर्सी मुझे समाज की सेवा के लिए मिल रही है धर्म कर्म के कार्य के लिए मिल रही है और ईमानदारी से वह कार्य करें और सबको सेवा का यह कार्य मिले इसके लिए भी सबको बारी-बारी से सहयोग प्रदान करें समाज में एकता भाईचारा प्यार प्रेम विश्वास बना रहे इससे ही समाज की तरक्की होगी और किसी की सेवा करते हैं तो उसका गुणगान बार-बार ना करें

आपको पता है ऊपर वाले को पता है ना कि आपने सेवा की है इतना ही काफी है फोटो खींचाने के लिए गुणगान करने के लिए सेवा ना करें प्रभु को रिझाने के लिए उसे खुश करने के लिए सेवा करें अपने पूर्वजों की आत्मा को खुशी मिले उसके लिए सेवा करें सनातन धर्म से बड़ा और कोई ना धर्म है ना कभी होगा तो इसलिए दूसरे पंथो को देखकर अपने सनातन धर्म को न छोड़ें सनातन धर्म सर्वोपरि है उसमें ही रहे और नाम जपते रहें आप सभी का कल्याण हो विश्व में सुख शांति बनी रहे अंत में आरती की गई पल्लव प्रार्थना अरदास की गई प्रसाद वितरण किया गया


आए हुए सभी भक्तजनों के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्त जनों ने भंडारा ग्रहण किया इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री दुर्गा माता मंदिर मढी़ के सभी सेवादारियों का विशेष सहयोग रहा इस पूरे कार्यक्रम को कवर करने के लिए हमर संगवारी के प्रधान संपादक विजय दुसेजा एवं गोविंद दुसेजा विशेष रूप से बिलासपुर से रायपुर पहुंचे वह पूरे कार्यक्रम को कवर किया

गुरु भाइयों के द्वारा पत्रकार विजय दुसेजा का छाल पहनाकर श्रीफल देकर सम्मान किया गया