विजय की ✒कलम
बिलासपुर :- सिंधी समाज का
श्री झूलेलाल मंगलम् बिलासपुर में है जो वो क्या सिंधी समाज के हाथों से जाने वाला है क्या…?
यह हम नहीं बोल रहे हैं बल्कि सिंधी समाज से ही आवाज आ रही है ऐसा होने वाला है ?
इसका कारण है एक व्यक्ति जो पूरे समाज को अपने हाथों की कठपुतली बना के रखा है जैसे कि चिन हर देश पर नजर लगाकर रखता है और वहां पर अपने पैतरे अजमा कर कब्जा कर लेता है या उस देश को गुलाम बना देता है अपने कर्ज के तले ऐसे ही बिलासपुर में भी हो रहा है ?
एक व्यक्ति अपनी अकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समाज के गरीब एवं मध्यम वर्गीय लोगों को अपना गुलाम बनाकर रखा है उनकी इच्छाओं को दबा दिया है चंद पैसे वाले लोगों के साथ मिलकर मनमानी कर रहा है?
सिंधी समाज की संस्थाओं पंचायत और संपत्तियों पर कब्जा करके एंव अपने लोगों को बिठा के रखा है?
एक छत्र राज कर रहा है अगर कोई इसका विरोध करता है तो उसे दबा दिया जाता है धन बल बाहुबल के माध्यम से?
लोकतंत्र के नाम पर ड्रामेबाजी कर रहा है इस बात का सबूत है पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर का चुनाव?
क्योंकि चुनाव के नाम पर दिखावा किया जाता है 10% ही लोगों को सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष हेतु मतदान करने का अधिकार दिया गया है क्यों.?
वह भी पूज्य सिंधी वार्ड पंचायतों के अध्यक्ष नाम भेजेंगे अपनी कार्यकारिणी की टीम से वही क्यों ?
जबकि लोकतंत्र में बिलासपुर के सभी सिंधी समाज के लोगों को मत (वोट) अधिकार का अधिकार मिलना चाहिए जो व्यक्ति अपनी पंचायत में सदस्य है उसे व्यक्ति को चुनाव में वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए?
श्री झूलेलाल मंगल धाम बिलासपुर में जब बन रहा था तब दान और सहयोग हजारों लोगों से लिया गया ट्रस्टी सिर्फ 73 सदस्य ही क्यों ?

जबकि संविधान में लिखा है 11000/= रुपए से अधिक सहयोग राशि देने वाला व्यक्ति👤 भी सदस्य होगा तो फिर उनको सदस्य क्यों नहीं बनाया गया उनको वोट देने का अधिकार क्यों नहीं दिया गया?
और सबसे बड़ी बात है जब से श्री झूलेलाल मंगलम बिलासपुर में बना है एक बार भी चुनाव नहीं करवाया गया है क्यों ?
किया उन्हें डर है कि अगर चुनाव होगा तो उनके विरोधी कहीं चुनाव जीत कर कुर्सी पर ना बैठ जाए और उनकी ढोल की पोल न खोल दे?
लगभग 25 से 30 करोड रुपए है ? उसका एक भी पैसे का हिसाब नहीं दिया गया है क्यों?
और पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर का जब कार्यकाल पूरा होता है तो उसकी कार्यकाणी अपने आप ही भंग हो जाती है तो भंग कार्यकारिणी के सदस्यों को डायरेक्ट वोट देने का विशेष अधिकार क्यों? इतिहास में किसी भी संस्था को ऐसा अधिकार नहीं दिया गया है नहीं किसी पंचायत को दिया गया है नहीं किसी संविधान में लिखा गया है फिर बिलासपुर में ऐसा क्यों? लोकतंत्र की हत्या क्यों ?
यह सब कुर्सी को कब्जा करने के लिए और पावर अपने हाथ में रखने के लिए करते हैं क्या?
समाज के चुनाव में जो पंचायत अध्यक्ष का पद व कुर्सी है वह सेवा के लिए मिलती है पर यहां पर कुछ लोग बिजनेस कर रहे हैं श्री झूलेलाल मंगलम बिलासपुर का पिछले 12 वर्षों का जो हिसाब 25 से 30 करोड रुपए का है उसे एक भी पैसे का हिसाब नहीं दिया गया है क्यों .?

समाज के जरूरतमंद लोगों को बेल की तरह जोत रहे हैं उनका खून चूस रहे हैं समाज की आड़ में अपने बिजनेस चल रहे हैं धंधा कर रहे हैं?
और अपने गुनाहों को छुपा रहे हैं?
अब परिवर्तन बहुत जरूरी है
(क्योंकि अब और नहीं सहेंगे बदल के रहेंगे)
इस बार पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर के चुनाव में एक ऐसे व्यक्ति को अध्यक्ष बनाए जो समाज की निस्वार्थ भावना से सेवा कार्य करें और जिस उद्देश्य के लिए श्री झूलेलाल मंगलम बना था वह उद्देश्य पूरा हो सके और इसका लाभ निम्न वर्ग मध्यम वर्ग को अधिक से अधिक मिल सके एवं सब का साथ समाज का उत्थान सबसे मिलकर करें ऐसे व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए
और चुनाव में भारी मतों से उसे 🏆विजयी बनाना चाहिए
इसमें ही बिलासपुर का भला है इसमें ही सिंधी समाज का भला है
(सत्यमेव जयते)
जय हिंगलाज माता जय झूलेलाल
संपादकीय