दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बगल में बैठे हुए शख्स साधारण परिवार से है लेकिन उनका जो कृतित्व और व्यक्तित्व हैं, एवं उनके द्वारा किया गया का कार्य उन्हें साधारण से असाधारण बना देता है, पुणे के रहने योगेश सिद्धार्थ और उनकी पत्नी सुमीता सिद्धार्थ को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने घर स्वयं आमंत्रित किया है, ताकि वह उन्हें बधाई दे सकें। आखिर उन्होंने ऐसा क्या किया है कि उन्हें प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने घर स-सम्मान आमंत्रित किया है..?
योगेश सिद्धार्थ भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। और उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर में तैनात हमारे वीर सैनिकों को आक्सीजन की समस्या से निजात दिलाने की दिशा मे अतुलनीय कार्य किया है, जंहा सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ता था। और अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता था, जिसे ध्यान मे रखते हुए इस दंपति ने बड़ी सोच के साथ बड़ा प्लान करते हुए एक बड़ी समस्या के समाधान का संकल्प ले लिया और उसकी खोज मे आगे कदम बढाया तथा दिशा मे ऐसी पहल की गई है, जिसको सुन कर अनायास उनके प्रति आदर और सम्मान उमड़ पड़ता है, इस कार्य के लिए योगेश सिद्धार्थ ने अपने सारे बचत के पैसे और घर के सारे गहने बेच दिए, जिसमें से कुल 1.25, करोड़ रुपये एकत्रित हुए जिससे उन्होंने सियाचिन में एक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित कर दिया जो दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है। उसका परिणाम यह हुआ कि अब वहां ऑक्सीजन की जो कमी थी वह पूरी हो गई या फिर य़ह कमी अब समाप्त हो गई है, और सबसे सुखद बात य़ह है कि, अब यहां हमारे 20,000 सैनिकों को प्राणवायु रूपी ऑक्सीजन मिल रही है।
कहते है कि समस्याओं को लेकर चर्चा तो हर कोई कर्ता है, परन्तु जो करने वाले लोग है वे समस्याओं का समाधान खोजते है हालांकि इस दिशा मे बहुत कम लोग आगे आते है। लेकिन योगेश सिद्धार्थ और उनकी पत्नी सुमीता सिद्धार्थ, ने चुपचाप इस दुर्लभ कार्य को अंजाम तक पहुंचाया है, य़ह कार्य वास्तव में अदभुत और प्रशंसनीय हैं…