ठंडी हवाओं में काँपते नन्हें हाथ…
सपनों से भरी आँखें…
और उन सपनों को बचाने की हमारी ज़िम्मेदारी।
आज से सहयोग फ़ाउंडेशन स्वयंसिद्धा फाउंडेशन ने स्वेटर वितरण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है।
मक़सद सिर्फ़ इतना नहीं कि बच्चों को ठंड से बचाया जाए—
बल्कि उनके माता-पिता को ये एहसास कराना भी है कि शिक्षा ही वह रोशनी है जो उनके बच्चों की ज़िंदगी बदल सकती है।
हम चाहते हैं कि हर माँ-बाप अपनी सारी छोटी-बड़ी ख्वाहिशों को एक तरफ रखकर सिर्फ़ एक ख्वाब ज़रूर देखें—
“हम अपने बच्चे को पढ़ाकर, उसे वो ज़िंदगी देंगे जो हमने मजबूरी में नहीं चुनी, बल्कि जिसे पाने का हमने हमेशा सपना देखा।”
बच्चों का बेहतर कल आज नहीं… अभी से तैयार होता है।
और यही सोचकर आज शासकीय प्राथमिक शाला तारबहार स्कूल,कार्यक्रम किया गया—
जहाँ नन्हीं हथेलियों में स्वेटर थे, चेहरों पर मुस्कान थी, और दिलों में भरोसा…
यही एहसास बताता है कि असली इबादत इंसानियत की सेवा में छुपी है।
यह सिर्फ़ स्वेटर बाँटना नहीं—
ये उनके सपनों को ठंड से बचाने की कोशिश है,
ये प्यार, सुरक्षा और साथ निभाने का वादा है।
आइए, मिलकर कदम बढ़ाएँ—
कोई बच्चा ठंड से न काँपे,
कोई सपना गरीबी में न जमे,
और हर दिल में उम्मीद की गरमाहट बनी रहे,इसी गर्माहट को बनाये रखने विद्यालय के 112 को स्वेटर वितरण किया गया।आज के कार्यक्रम में श्री चंचल सलूजा अध्यक्ष स्वयमसिद्धा फाउंडेशन ,श्रीमती किरण सिंह सहयोग फाउंडेशन से ,श्रीमती पूजा तिवारी प्रधान पाठक तारबाहर ,शिक्षिका श्रीमती ईश्वरी अय्यर ,श्रीमती माधुरी निर्मलकर ,श्रीमती शिखा रॉबिन्स, श्रीमती राजिम खुटले उपस्थित रही|