बिलासपुर, 17 जनवरी 2026। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा रमन विश्वविद्यालय, कोटा में एक विशाल सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं सहित विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभागार में उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई।
यह आयोजन भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मार्गदर्शन तथा पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री संजीव शुक्ला एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने सड़क सुरक्षा के 4E मॉडल—इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट और इमरजेंसी हेल्थ सर्विस—पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा विभिन्न विभागों के समन्वय से किए गए इंजीनियरिंग सुधारों के परिणामस्वरूप जिले के 6 चिन्हित ब्लैक स्पॉट में से 3 को ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से बाहर किया गया है, जिससे दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में 50 प्रतिशत की कमी आई है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के आंकड़ों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो सख्त प्रवर्तन, निरंतर जागरूकता अभियानों और नागरिकों के सहयोग का सकारात्मक परिणाम है।
एसएसपी श्री सिंह ने बताया कि यातायात एजुकेशन के तहत जिले में प्रतिदिन लाखों लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। इसके लिए 23 प्रमुख स्थानों पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, एफएम रेडियो, ऑरेंज रेडियो, आकाशवाणी तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम—का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।


उन्होंने एनफोर्समेंट की जानकारी देते हुए बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब तक 90,545 चालानी कार्रवाई की गई है। साथ ही भारत सरकार की कैशलेस उपचार योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। इसके अलावा ‘गुड सेमेरिटन’ योजना के तहत घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में चेतना अभियान के विभिन्न आयामों—साइबर फ्रॉड से बचाव, महिला एवं बाल अपराधों की सूचना, नशामुक्ति, युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा, माता-पिता के प्रति संवेदनशीलता तथा बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने—पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
रमन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार घोष ने यातायात पुलिस बिलासपुर के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं से सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असमय जनहानि को कम किया जा सके।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामगोपाल करियारे ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए शराब एवं नशे में वाहन न चलाने, तेज व लापरवाही से वाहन न चलाने, मोबाइल का प्रयोग करते हुए वाहन न चलाने, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के पालन की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त उप निरीक्षक श्री उमाशंकर पांडे द्वारा सभागार में उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती नूपुर उपाध्याय, थाना प्रभारी चौहान सहित विश्वविद्यालय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।