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जन्म शताब्दी दिव्य प्रकाश का महापर्व – राष्ट्र जागरण का महापर्व है, युगऋषि का पूर्व से ही उद्घोष है कि हमारा भारत जगद्गुरु और सर्वशक्तिमान बनेगा
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गायत्री शक्तिपीठ में बसंत पर्व और परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी, दिव्य प्रकाश का महापर्व एवं इक्कीसवीं सदी उज्जवल भविष्य , सतयुग की वापसी के उद्घोषक, युग के सृजनहार, युगऋषि, युग ब्यास, युगदृष्टा परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आध्यात्मिक अवतरण, आत्म साक्षात्कार दिवस बसंत पंचमी पर श्रद्धा व कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी गायत्री परिजनों एवं श्रद्धालुओं ने नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं दीप यज्ञ में भाग लेकर अपनी श्रद्धा सुमन समर्पित किये।


श्री द्वारिका प्रसाद पटेल ने बताया कि नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का संचालन श्री शत्रुघ्न कश्यप, श्रीमती जे लाल, दीक्षा पटेल, सुशीला यादव, मालती मिश्रा, मनोहर दास जी ने किया , तत्पश्चात् श्री रामगोपाल कश्यप एवं श्रीमती उर्मिला विश्वकर्मा ट्रस्टीगण के द्वारा सामूहिक भोग भंडारा का आयोजन किया गया एवं सायंकालीन गायत्री दीप महायज्ञ का संचालन श्री द्वारिका प्रसाद पटेल, जलहर जी आदि की टोली ने सम्पन्न कराया। इस शुभ अवसर पर राष्ट्रीय साहित्यकार डॉ॰ बृजेश सिंह ने वसन्त पंचमी की महत्ता एवं परम पूज्य गुरुदेव के आध्यात्मिक जन्म दिवस उत्सव पर युग संदेश दिये और दीक्षा-यज्ञोपवीत- 5, विद्यारंभ-5, मुण्डन- 1 संस्कार संपन्न हुआ। दीप महायज्ञ के युग संदेश अंतर्गत श्री द्वारिका जी ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव द्वारा 1926 से प्रज्जवलित अखंड दीप के जन्म शताब्दी पर्व, दिव्य प्रकाश का महापर्व-2026 , राष्ट्र जागरण का महापर्व है और युगऋषि – युगदृष्टा की उद्घोषणा है कि सम्पूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति की सत्य सनातन धर्म ध्वजा लहराएगी, फिर से जगदगुरु की भूमिका निभाते हुए हमारा भारत सर्वशक्तिमान बनेगा।