बेलगहना_” शासकीय प्राथमिक उच्च प्राथमिक एवं हाई स्कूल केकराडीह के बच्चों ने संस्था जन स्वास्थ्य सहयोग गनीयारी के सौजन्य से केकराड़ीह
करहीकछार में आयोजित जेवनार मेला का आनंद लिया।
मेला में सैकड़ो पारंपरिक पौष्टिक पकवान जिसमें फलियां, कंदमूल, सागभाजी का संग्रहण, उपयोग, व्यंजन बनाने की विधियां और इसके महत्व के साथ आधुनिक समय में तरह-तरह के सस्ते लेकिन हानिकारक जंक फूड के दुष्प्रभाव मेला में प्रदर्शनी में देखने को मिला जहां के गांव के महिला स्व सहायता समूह द्वारा पारंपरिक वेश में न केवल उनके बारे में जानकारी प्रदान की बल्कि उनके स्वाद का जायका लेने का अनुभव भी सबको मिला मेले में कई बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद भी लिया यह बच्चों और लोगों के लिए एक नई और अनोखा मेला का अनुभव देखने वाला लगा जिसमें सबने बड़े उत्साह से भाग लिया कार्यक्रम में जनपद कोटा के वरिष्ठ अधिकारी,


जनप्रतिनिधि, डॉक्टर और कार्यक्रम समन्वयक श्री अनिल बामण, स्वयं सहायता समूह के सैकड़ों सदस्य, आयोजन टीम प्रमुख शांति महंत , सरपंच मुन्नीबाई मिंज और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
मेले में बच्चों ने पहली बार नए साग भाजी एवं कंदमूल के नाम सुने और प्रदर्शनी में इनका अवलोकन भी किया साथ ही समूह द्वारा स्थानीय स्तर पर स्व निर्मित विभिन्न प्रोडक्ट के बारे में जाना। वन , खेतों, बाड़ी में आसानी से प्राप्त डांगकांदा , नागर, बनचांदी ,पतलू , करवा कुंदरु, कनिया ,शकरकंद, जिमी कांदा ,चेंज भाजी

चौलाई ,चरोटा कामोटा, चेंच , पाई ,बथुआ सरसों ,पटवा , अमारी, कुमड़ा चना , तीवरा ,मेंथी, कसारा सहजन आदि ऐसे दर्जनों विलुप्तप्राय अनाजों का प्रदर्शनी में अवलोकन करने का अवसर मिला यह मेला वाकई हमारे भारतीय संस्कृति परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव के साथ स्वस्थ रहने को सिखाती है शिक्षक श्री नारायण नायक ने बेहतर आयोजन के लिए टीम को धन्यवाद एवम् आभार ज्ञापित किया ।