विजय की ✍️✍️कलम
( सिंधी युवक समिति को मिला, उसका, अधिकार चेटीचंद्र महोत्सव पर निकालेगी भव्य शोभायात्रा )
(सिंधी समाज में दौड़ी खुशी की लहर)
बिलासपुर;- सत्य की जय हुई धर्म की विजय हुई अंत में जीत समाज की हुई 10 वर्षों से समाज के ही कुछ सत्ता के लोभियों ने पुत्र मोह में अहंकार में समाज को दो हिस्सों में बांट दिया था और चेटिचंद्र पर निकलने वाली शोभा यात्रा पर एकाधिकार पाने के लिए समांतर शोभा यात्रा निकालना शुरू किया,और एक नया संगठन बनाकर युवाओं का…क्या यह समाज हित में था?
10 वर्षों तक समाज को 50 साल पीछे धकेल दिया एक खाई खोद दी थी जिसे पाटने में अभी पता नहीं कितने वर्ष और लगेंगे 2025 में सिंधी युवक समिति के अध्यक्ष बने मनीष लाहोरानी ,संरक्षक कैलाश मलघानी संयोजक संरक्षक अमर बजाज के नेतृत्व में एक नई शुरुआत हुई 17 वार्ड पंचायतों के मध्यस्थ में दोनों ग्रुप एक हुए और एक ही शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया जो समाज हित में था और सर्वो परी था 2026 में अब उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने बहुत बड़ी गलती की थी और युवाओं को भी एहसास हुआ कि उन्हें धोखा दिया गया मूर्ख बनाया गया और अंत में खाली हाथ ही रह गये, तो इस बार जो विगत 52 सालों से शोभायात्रा निकालती रही सिंधी युवक समिति को ही संपूर्ण अधिकार दिया गया कि यह आपका हक है आप ही चेटीचंद्र महोत्सव पर शोभा यात्रा निकालिए और आपका सहयोग पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत , सेंट्रल युवा विंग महिला विंग, 17 वार्ड पंचायतें वह कई सामाजिक संगठन करेंगे यह बहुत ही साहरनीय पहल थी बहुत ही सुंदर निर्णय था जिसका सभी ने तेहदिल से स्वागत किया और हम भी इसका स्वागत करते हैं और बधाई देते हैं सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष विनोद मेघानी जी को और सिंधी युवक समिति के अध्यक्ष मनीष लाहोरानी और उसकी पुरी टीम को साथ में 17 वार्ड पंचायतों के अध्यक्षों को जिनके सहयोग से मेहनत से यह सब संभव हो पाया और जिसका हक था उसे हक मिला।कुछ दिन पूर्व, हमर संगवारी में विजय की कलम में हमने पहले ही यह बात सबके सामने रखी थी कि विजय की कलम सच की कलम है..जनता की आवाज है..और हमारी कलम ने सच को उजागर किया था सच का आईना दिखाया था और जैसा कि हमने कहा था समाज हित में सबको एक होकर मिलना चाहिए कार्य करना चाहिए एक कदम आगे बढ़ाए है,

अच्छी बात है बल्कि और जो संस्था है लोग हैं उनको भी उनका हक मिलना चाहिए जो समाज हित में कार्य करना चाहता है उसे कार्य करने देना चाहिए उनको और प्रोत्साहित करना चाहिए और सहयोग करना चाहिए ताकि नए-नए लोगों को मौका मिल सके वह समाज हित में कार्य होते रहे सिर्फ एक संगठन ☝एक व्यक्ति या एक ग्रुप बनाकर राज करने की नीति को खत्म कर देना चाहिए ?
यह समाज हित में नहीं है? और कमजोर वर्गों को आगे करके कोई भी कार्यक्रम करें उनका ध्यान पहले रखा जाना चाहिए जैसा कि रायपुर में चाहे चेटीचंद्र महोत्सव हो चाहे सिंधी फिल्म महोत्सव हो चाहे वह सिंधियत जो मेला हो हर कार्यक्रम को निशुल्क किया जा रहा है ताकि समाज के कमजोर वर्गों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके फिर बिलासपुर में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है और जो करने की कोशिश करता है उसे दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है उसके प्रोग्राम को फेल करने की कोशिश क्यों की जाती है? क्यों उन्हें परेशान किया जाता है?
धर्म कर्म और सामाज के कार्य में अगर कोई ₹1 भी दान देता है तो उसे स्वीकार करना चाहिए अगर कोई छोटा सा व्यक्ति भी अपने हिसाब से कुछ अच्छा काम कर रहा है तो उसे करने देना चाहिए हीन भावना से 👀देखना और अपने अहंकार में आवेश में आकर उसका अहित करना यह कहां तक सही है?
एक व्यक्ति (रावण )के कारण पूरा उसका साम्राज्य पूरा कुटुंब और राक्षस कुल का सर्वनाश हो गया एक व्यक्ति (कंस) के कारण पूरे कुल का सर्वनाश हो गया एक व्यक्ति ( डिष्टराष्ट्र)पुत्र मोह के कारण महाभारत करवा दिया एक व्यक्ति चीन के राष्ट्रपति के कारण पूरा चीन की जनता परेशान है दुखी है एक व्यक्ति अमेरिका का राष्ट्रपति के कारण पूरा विश्व परेशान है और यह हर जगह एक व्यक्ति क्यों आ रहा है क्यों उसके कारण सब तकलीफ परेशानी में है इसका कारण है उसका इगो (अहंकार)और सत्ता का मोह, और यहां पर भी एक व्यक्ति के कारण समाज में बंटवारा हुआ एक व्यक्ति के कारण आज समाज का अहित हुआ है,
एक व्यक्ति के कारण पूरी खाई खोदी गई एक व्यक्ति की इच्छा पूर्ति के कारण न जाने कितनों की लोगो कि इच्छाओं को गला घोटा गया,
यह सिर्फ एक व्यक्ति ही इसका दोषी है और इस बात को पूरा समाज जानता है फिर भी चुप है मौन है?
कहीं ना कहीं लोगों को चापलूसी और कुर्सी का मोंह पैसे का लालच सत्ता की बुख के कारण चुप रहने पर मजबूर कर दिया है?

पर इसका नतीजा कितना भयानक हुआ है उसकी कल्पना नहीं कर सकते हैं आज हमारे समाज के युवा पीढ़ी और समाज की हालत क्या हो गई है किसने सोचा है? ..किसी ने भी कल्पना की थी कि ऐसा कभी होगा? जिस पर हम नाज करते थे वह एक व्यक्ति सर्वनाश का कारण बनेगा किसने सोचा था?
पर अंत भला तो सब भला सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते हैं अगर सचमुच में उस ☝एक व्यक्ति को अपने किए पर पछतावा है तो अपनी गलती को स्वीकार करें गलती मानने से कोई छोटा नहीं हो जाता है बल्कि और बड़ा महान बन जाता है और सबसे आगे उसे गले लगाने वाले हम खुद होंगे उसे माला पहनाने वाले हम खुद होंगे अगर वह गलती स्वीकार करता है और भविष्य में ऐसी गलती ना होगी इसके लिए वह वादा करता है अपने किए पर प्राश्चित करता है और समाज हित में जिस तरह जिसका हक था उसे दिया गया उसी तरह जिसका हक है सबको देते जाएगा और पारदर्शिता ईमानदारी से काम करेंगे तो उसमें समाज का ही भला है उनका भी भला है आने वाली पीढ़ी का भी भला है एक दिन याद रखना पैसा प्रॉपर्टी सब कुछ यही छोड़ कर जाना है अच्छे कर्म है जो तुझे साथ लेकर जाना है मान न मान तेरी मर्जी हमारा काम है सत्य की राह दिखाना है और सत्य बोलना और सत्य कर्म करना,
समाज हित के लिए हम पहले भी कार्य करते थे आज भी करते हैं आने वाले कल के समय भी करते रहेंगे धर्म न्याय नीति से चलते आए हैं आगे भी चलते रहेंगे देश और समाज हमारे लिए सर्वोपरि था और हमेशा रहेगा।
भगवान भोलेनाथ हिंगलाज माता भगवान झूलेलाल की कृपा हमारे समूचे समाज पर बरसती रहे उनका आशीर्वाद हमें मिलता रहे।
संपादकीय