बिलासपुर। शहर में सनसनी मचा देने वाले महालक्ष्मी ज्वेलर्स लूटकांड में बिलासपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। टेक्निकल ट्रैकिंग, लोकल इनपुट और उत्तरप्रदेश पुलिस के समन्वय से की गई इस कार्रवाई में लूट की शत-प्रतिशत मशरूका, आयुध हथियार, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) एवं उप पुलिस महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में अंजाम दी गई।
🕵️♂️ ऐसे रची गई थी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह सिर्फ लूट तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रॉपर्टी विवाद में कारोबारी बंधु मौर्य की सुपारी लेकर हत्या की साजिश भी रची गई थी।

करीब तीन-चार माह पूर्व नारद उर्फ सुमित श्रीवास ने विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति को “बड़े काम” का लालच देकर बुलाया। इसके बाद विनोद ने विजय लाम्बा, रिंकु, गगनदीप और आमिर को साथ जोड़ा। बिलासपुर में होटल में बैठक कर राजू सोनकर ने बंधु मौर्य की हत्या के एवज में 25 लाख रुपये देने की बात कही, जिसमें 6 लाख रुपये एडवांस दिए गए।
18 दिसंबर 2025 को चांटीडीह के पास पिस्टल दिखाकर गाड़ी रुकवाने का प्रयास किया गया, लेकिन योजना विफल रही।
🎯 असफल लूट प्रयासों का भी खुलासा
हत्या की योजना फेल होने के बाद गिरोह ने सदर बाजार की एक ज्वेलर्स दुकान में त्योहारी शोर-शराबे के दौरान सेंधमारी की योजना बनाई।
19 दिसंबर 2025 को लखन देवांगन उर्फ “निटी” को हथियार के बल पर लूटने की कोशिश की गई, जो असफल रही।

🚗 17 फरवरी 2026: लूट की वारदात
17 फरवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे, महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर करीब 2 किलो सोना, 200 ग्राम जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड और ₹3.5 लाख नगदी अपनी रेनॉल्ट क्विड कार में रखकर घर जा रहे थे।
अंधा मोड़ के पास मारुति इको से टक्कर मारकर गिरोह ने उन्हें रोका। विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति, विजय लाम्बा, करीम खान और मोनू उर्फ राहूल उर्फ गुडवा ने पिस्टल तानकर कट्टे की बट व हथौड़ी से प्राणघातक हमला किया और कार सहित लूट कर फरार हो गए।
बाद में क्विड कार छोड़कर इरफान अली की स्कॉर्पियो से अंबिकापुर भागे। वहां से बनारस की ओर निकलते समय उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर जिले में थाना अहरौरा पुलिस की मदद से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।

👥 गिरफ्तार आरोपी
विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति (अनूपपुर, म.प्र.)
करीम खान (बरेली, उ.प्र.)
विजय लाम्बा (पूर्वी दिल्ली)
मोनू उर्फ राहूल उर्फ गुडवा (नोएडा)
इरफान अली (सीपत, बिलासपुर)
नारद उर्फ सुमित श्रीवास (सिविल लाइन, बिलासपुर)
राजू सोनकर (सरकण्डा, बिलासपुर)
💰 बरामदगी
₹5,33,000 नगद
2 किलो से अधिक सोना व आभूषण
06 धारदार चाकू
01 देशी कट्टा, 01 जिंदा कारतूस
06 मोबाइल
03 चारपहिया वाहन (मारुति इको, रेनॉल्ट क्विड, महिंद्रा स्कॉर्पियो)
📂 दर्ज प्रकरण
थाना सरकण्डा में अपराध क्रमांक 219/2026 (लूट व मारपीट)
अपराध क्रमांक 1758/2025 (लखन देवांगन लूट प्रयास)
अपराध क्रमांक 241/2026 (बंधु मौर्य हत्या साजिश)
थाना अहरौरा, मिर्जापुर (उ.प्र.) में अपराध क्रमांक 35/2026 व 36/2026
🏅 पुलिस टीम को इनाम
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन श्री निमितेश सिंह, अंशिका जैन (भा.पु.से. प्रशिक्षु) सहित निरीक्षक, उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक व अन्य स्टाफ की सराहना करते हुए आईजी व एसएसपी द्वारा नगद इनाम की घोषणा की गई है।
⚡ निष्कर्ष
बिलासपुर पुलिस की टेक्निकल ट्रैकिंग, लोकल इंटेलिजेंस और अंतरराज्यीय समन्वय की बदौलत एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। हत्या, लूट और सेंधमारी की साजिश रचने वाले इस गिरोह की गिरफ्तारी से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को बड़ी राहत मिली है।