निष्पक्षता और सुरक्षा की नई पहल
बिलासपुर । शहर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रायपुर की तर्ज पर अब यहाँ भी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक (ADTT) का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत, लाइसेंस केवल कंप्यूटर द्वारा नियंत्रित मशीनों और सिमुलेटरों के माध्यम से आयोजित कठोर परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने के बाद ही जारी किए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और कुशल बन जाएगी। लगरा स्थित आरटीओ कार्यालय में चल रहे इस निर्माण कार्य के अगले छह महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना के लिए 12 एकड़ जमीन का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें से कुछ हिस्सा अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराकर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस आधुनिक ट्रैक के बनने से मैन्युअल तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। परिवहन विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और प्रशिक्षित चालकों को ही सड़क पर उतारना है। यह सुनिश्चित करेगा कि लाइसेंस धारकों को वाहन चलाने का सही ज्ञान और कौशल प्राप्त हो। इससे पहले, कई लोग दलालों के माध्यम से बिना उचित प्रशिक्षण के ही लाइसेंस प्राप्त कर लेते थे। लेकिन अब, पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित उपकरणों की मदद से, केवल कुशल और प्रशिक्षित चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। इस अत्याधुनिक ट्रैक में आरसीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा और दोनों ओर सेंसर लगे होंगे। ये सेंसर वाहन चालक की हर गतिविधि को ट्रैक करेंगे, जिसमें गति, ब्रेक लगाना, संतुलन, लेन बदलना और सिग्नलों का पालन शामिल है। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर ही कंप्यूटर द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें पास या फेल होने का निशान अंकित होगा। इस प्रकार, लाइसेंस केवल एक औपचारिकता नहीं रह जाएगी, बल्कि एक वास्तविक परीक्षण होगी, जिससे सड़कों पर होने वाले हादसों को कम करने और सुरक्षित ड्राइविंग को संभव बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, हाल ही में परिवहन आयुक्त द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद, इस परियोजना के अनुमानित लागत और डिजाइन में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं, जिसके कारण काम थोड़ा धीमा चल रहा है। इसमें ट्रैक की ऊंचाई और मशीनों के स्थापना कक्ष में बदलाव शामिल हैं। निर्माण एजेंसी गृह निर्माण बोर्ड को बनाया गया है और पूरी उम्मीद है कि छह महीनों के भीतर यह ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा। यह खबर आरटीओ, परिवहन विभाग के अधिकारी असीम माथुर द्वारा दी गई है।
निर्माण कार्य जारी है
आटोमैटिक कम्यूटराईड ड्राइविंग टेस्ट टैक का निर्माण जारी है, रायपुर की कंपनी को काम दिया गया है, लेकिन निर्माण एजेंसी गृह निर्माण बोर्ड को बनाया गया है, 6 माह में बन कर ट्रक तैयार हो जाएगा।
- असीम माथूर आरटीओ,
- परिवहन विभाग बिलासपुर
