विजय की ✒ कलम
( आखिर कब तक 🌏विश्व के छोटे देशों की जनता मरती रहेगी, और उन पर हमला होता रहेगा?)
देश / विदेश:- जिस तरह हाल ही में 2026 में घटनाएं घटी है विश्व में अब पहले जैसा हाल नहीं रहा सभी भाग रहे हैं एक दूसरे के पीछे-पीछे जो पहले सिक्का चलता था अमेरिका का अब वह खत्म होते जा रहा है इसी सिक्के को पावर को वापस पाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप अपनी मनमानी करने पर उतर आये हैं और दादागिरी कर रहे हैं विश्व के अन्य देशों को जिस पर विश्वास था कि रुस कुछ करेेगा पर रुस अपनी लड़ाई में व्यस्त है इसी का फायदा अमेरिका उठा रहा है और चीन🇨🇳 सिर्फ भॊकने वाला 🐕 है काटने वाला नहीं है वो भोक सकता है काट नहीं सकता है वो चालक लोमड़ी🐺 की तरह लोगों को मूर्ख बना रहा है और अपना काम निकाल रहा है भारत शांति का पाठ पढ़ा रहा है और शांति से सब कुछ देख रहा है इसी के करण अमेरिका के राष्ट्रपति दिन ब दिन अपने उल्टे सीधे बयानों से ओर उल्टे, कामो से चर्चा में रहे जिस तरह अन्य देशों के राष्ट्रपति को मार डालना और जिंदा पकड़ के लाना किसी भी देश पर हमला करना उन्हें धमकाना उनकी आदत बन गई है हाल ही में ईरान पर हमला करके उनके सुप्रीमो को खत्म कर दिया परिवार साहित सिर्फ अपने फायदे के लिए अमेरिका यह सब कर रहा है उसे सिर्फ अपना फायदा दिख रहा है जहां फायदा नहीं है वहाँ पर कुछ नहीं कर रहा है जहां फायदा है वहीं पर यह लड़ाई कर रहा है और लड़ाई करवा रहा है ताकी अपना धंधा अच्छा चल सके अपना बिजनेस चल सके क्योंकी जो उन्होंने चाल चली थी सत्ता में आने के बाद टेरिफ की वहाँ की अदालत ने उस पर टाय टाय फिस कर दिया तो उसे अन्य कोई हथियार नहीं मिल रहा था तो इसी के करण उसने ईरान पर हमला कर दिया बेकसूर नीरदोष लोग मारे जा रहे हैं और उसके चक्कर में ईरान अभी आसपास पड़ोसीयों पर भी हमला कर रहा है आखिर ईस सब का जिम्मेदार अमेरिका के राष्ट्रपति को सजा कब मिलेगी क्या उसे फांसी की सजा देगी अमेरिकी अदालत 🌏विश्व में उसके करण तैल के भाव बढ़ गए बेरोजगारी बढ़ेगी महंगाई बढ़ेगी इसका जिम्मेदार अमेरिका के राष्ट्रपति को क्या सजा देगें, विश्व के अन्य देश आंखें बंद करके हाथ जोड़ के गांधीजी के तीन बंदर की तरह चुप बैठे है, बीच में भारत और रूस का गठबंधन जिस तरह मजबूती के साथ विश्व में उभर कर सामने आया था अब फिर से वह शांत हो गया क्या इस सिलसिले में भारत को विरोध नहीं करना चाहिए शांति की भाषा वहां काम आती है जहाँ इसकी भाषा को समझ सके और जिसे अपना धंधा करना हो और अपनी दादागिरी करनी हो उस व्यक्ति से शांति का पाठ पढ़ाना और शांति की बात करना बेवकूफी है सभी देशों को मिलकर अमेरिका पर हमला कर देना चाहिए , या अमेरिका पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए न अमेरिका को सामान बचेंगे और न उनसे बिजनेस करेंगे,

तभी वहां के राष्ट्रपति की घंटी बजेगी और उसको समझ में आएगा दूसरों को भूखा मारने के बाद जब खुद भूखा मरेगा न तब समझ में आएगा जब वहां की जनता चिल्लाएगी रोएगी व्यापारी धरना देंगे हड़ताल करेंगे वहां का बिजनेस ठप होगा तब अमेरिका के राष्ट्रपति को समझ में आएगा कि उसकी दादागिरी नहीं चलेगी अब सभी देशों को मिलकर अमेरिका पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए और डॉलर से व्यापार करना बंद कर देना चाहिए हम अपनी मुद्रा से व्यापार करेंगे हम किसी के नौकर नहीं है ना अमेरिका हमारा मालिक है हम अपनी मुद्रा में एक दूसरे देशों से व्यापार करेंगे इससे पूरे विश्व का भला होगा और हर छोटे बड़े देश की अर्थव्यवस्था में मजबूत होगी महंगाई भी घटेगी और अमेरिका को भी समझ में आ जाएगा कि उसकी दादागिरी अब खत्म हो चुकी है एक चींटी भी हाथी को मार सकती है यह कहावत नहीं हकीकत है अब अमेरिका को दिखाना भी होगा की सब चीटियां एक होकर अमेरिका के नाक में दम कर दे अगर नहीं करेंगे तो विश्व मे शांति नहीं होगी, ना कोई देश सुरक्षित रहेगा जो सोचते हैं कि हमारे ऊपर ऐसा कुछ नहीं होगा तो वह बेवकूफ है अमेरिका किसी का नहीं है सगा और कोई ऐसा नहीं है जिसे उसने नहीं दिया है दगा तो वक्त की नजाकत यही है वक्त की पुकार भी यही है अमेरिका को सबक सिखाने का समय अब आ गया है सबको एक होकर अमेरिका पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए अगर अभी नहीं कर पाए तो कभी नहीं कर पाओगे और इसकी अगवाई भारत रूस के गठबंधन को करनी होगी विश्व गुरु बना है तो पहले विश्व को बचाना होगा मजबूत करना होगा तभी विश्व गुरु बन सकते हैं इस बात को मोदी जी को समझना होगा और सभी देशों की अगुवाई करनी होगी सभी की नजर भारत की ओर है कि अब इस संकट के घड़ी में भारत है जो सभी को बचा सकता है और अमेरिका से लड़ सकता है लड़ाई सिर्फ हथियारों की नहीं होती है हिम्मत की होती है और भारत के एक-एक सैनिक के पास 100-100 सैनिकों के बराबर हिम्मत है शक्ति है ताकत है हम लड़ भी सकते हैं और जीत भी सकते हैं अब शांति का पाठ पढ़ाने से कोई फायदा नहीं चुप रहने से कोई फायदा नहीं आगे बढ़ो और अमेरिका से आंखों में आंखें डाल कर बात करो भारत की 145 करोड़ जनता और विश्व की सभी देश आपके साथ खड़े हैं यही सही मौका है भारत को विश्व पटल पर सबसे आगे और खड़े रहने का अवसर मिला है उसका अगवाई करने का अवसर मिला है और अमेरिका के दादागिरी को खत्म करने का अवसर मिला है तो इस अवसर को गवाए नहीं बल्कि इसका इस्तेमाल करके विश्व शांति के लिए आगे बढ़े
जय भारत मां
संपादकीय