5 मार्च से गूंजेगा भक्ति का दिव्य स्वर
मनगवां (अखंड सत्ता)
विंध्य की पावन धरा एक बार पुनः आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर होने जा रही है। रीवा जिले के मनगवां के ग्राम हनुमंता में 5 मार्च से 13 मार्च 2026 तक पूज्य जगद्गुरु स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज की दिव्य श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. एस. एस. तिवारी ने सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि कथा स्थल को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। विशाल पांडाल, सुसज्जित मंच, श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा के व्यास पीठ पर जगद्गुरु राघवाचार्य जी महाराज सुशोभित होंगे। वे श्रीधाम रामवर्णाश्रम (रामकोट), अयोध्या के पीठाधीश्वर हैं तथा श्रीरामलला सदन देवस्थान ट्रस्ट का संचालन करते हैं। उनकी ओजस्वी वाणी, शास्त्रसम्मत व्याख्याएं और सरल प्रस्तुति शैली उन्हें देश-विदेश में विशिष्ट पहचान दिलाती है।
इस भव्य आयोजन का संचालन जेएनसीटी, वनस्थली एवं कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एस. एस. तिवारी द्वारा किया जा रहा है। डॉ. तिवारी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कार, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना का जागरण करना है। कथा के साथ भजन-संध्या, संत-सत्संग एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।
मनगवां के हनुमंता में इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संत की कथा का आयोजन सम्पूर्ण रीवा एवं विंध्य क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
जनमानस से अपील
समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे परिवार सहित कथा में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार में सहभागी बनें।