: बिलासपुर :- जिन्दगी में अच्छे काम ही बुरे वक्त में हमारे काम आते हैं। जब हम परमात्मा को याद करते हैं तो हमें अच्छे काम करने का उमंग-उत्साह आता है। जब हम अच्छे काम करते हैं तो अच्छे संस्कार बनते हैं और बुरे संस्कार अपने आप ही खत्म हो जाते हैं। अच्छे काम करके हम बुरे कर्मों के प्रभाव को कम कर सकते हैं। अच्छे काम कोई बड़े काम ही नहीं होते बल्कि छोटे-छोटे काम भी अच्छे हो सकते हैं। इसलिए छोटे-छोटे काम भी बड़ी ख़ुशी से करने चाहिए। जिन्दगी में हमारी वैल्यू इस में नहीं है कि हम क्या काम करते हैं बल्कि इस में है कि जो हम काम करते हैं उस में प्यार, ख़ुशी, आनन्द, शांति की कितनी वैल्यू डालते हैं। खुशी बाँटने से बढती है। मान लो हमारे पास ख़ुशी के 50 यूनिट हैं और हमने वो दूसरों को बाँट दिए तो हमारे यूनिट खत्म नहीं होंगे बल्कि बढ़कर 100 यूनिट हो जायेंगे।


यह बात माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमारीज़ के विख्यात मोटिवेशनल वक्ता प्रोफ. बीके ओंकार चंद भाई ने ब्रह्माकुमारीज ओम शांति सरोवर उसलापुर सेवाकेंद्र पर खुशियाँ आपके द्वार विषय पर आयोजित 3 दिवसीय राजयोग मैडिटेशन शिविर के उद्घाटन समारोह में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने आगे ख़ुशी के लिए टॉनिक देते हुए कहा कि हम सदा यही चिंतन करें कि मैं खुशी के खजाने से सम्पन्न आत्मा हूँ। मुझे हर हाल में खुश रहना है और खुशियाँ बाँटनी हैं। मेरी खुशी मुझसे कोई छीन नही सकता। जब तक जीना है मुझे खुश रहना है। मुझ जैसा खुशनसीब कोई नही है। बातें आएँगी और जाएँगी पर मैं अपनी खुशी को नहीं जाने दूंगा। मुझे मुश्किलों के बीच में भी मुस्कुराना है।
शिविर में अपने व्याख्यान में बी के ओंकार चंद ने आगे ये भी बताया कि चुनौतियां हरेक के लिए आती हैं पर किसी के लिए आगे बढ़ने के मौके खोल देती हैं तो किसी के लिए पछाडऩे का अनुभव कराती हैं। अगर चुनौती के समय हम सही निर्णय ले लें तो यह सुन्दर अवसर बन जाता है। अनेक प्रकार के नकारात्मक विचार व भावनाएं ही हमारे भय का कारण बनते हैं। इस नाजुक समय को बिना भय से पार करने के लिए हमें स्वयं को भीतर से मजबूत बनाना होगा। आज व्यक्ति भीतर से खोखला होता जा रहा है। उसके अन्दर शक्ति व क्षमताएं हैं पर उसे उनहें बाहर लाने का तरीका नहीं आता। राजयोग हमें अन्दर की शक्ति को बाहर लाना सीखाता है। हम अपने मन को इतना शक्तिशाली बना दें जो भविष्य में कितनी भी बड़ी समस्या आ जाए तो भी हम उस पर विजय प्राप्त कर सकें। जैसा हमारा चिन्तन होता है वैसा ही हमारा जीवन बन जाता है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज ओम शांति सरोवर उसलापुर सेवाकेंद्र की संचालिका बी के छाया दीदी जी ने कहा कि शिविर में प्रतिदिन तनावमुक्त जीवन के अनेक महामंत्र और टिप्स दिए जायेंगे और साथ में म्यूजिकल एक्स्सरसाइज़ के द्वारा तन और मन को तंदरुस्त रखने का अभ्यास भी कराया जायेगा। यह शिविर हररोज 18 ममार्च से 20 मार्च तक शाम 5 से 7.30 तक चलेगा जिसमें प्रतिदिन आध्यात्म और खुशनुमा जीवन के अनेक रोचक विषयों पर चर्चा होगी। इस शिविर के द्वारा लोगों को जीवन में आने वाली चुनौतियाँ का हँसते-हँसते सामना करने के लिए तैयार किया जायेगा. किसी भी परिस्थिति में शांत रहने और अच्छा व्यवहार करने की शक्ति इस शिविर के माध्यम से सबको मिलेगी। इस शिविर में खुशियों से दोस्ती, अलविदा तनाव, संबंधों में मधुरता, अच्छी सोच से अच्छे दिन, भाग्य लिखने की कलम, आत्म ज्ञान व आत्मानुभूति, परमात्म से मिलन व ईश्वरीय ज्ञान की प्राप्ति, राजयोग मेडिटेशन की सही विधि, परमात्म पहचान व शक्तियों का एहसास जैसे अनेक जीवनोपयोगी विषयों पर प्रकाश डाला जायेगा।अंत मे दीदी जी ने सभी को ईश्वरीय अनुभूति कराईl
शिविर का दीप प्रज्वलन कर उदघाटन किया गया l
कार्यक्रम के वशिष्ट अथिति
पार्षद माननीय किरण टंडन जी उपस्थित रहे उन्होंने अपने उद्बोधन मे कहा की हम इस शिविर में जो सीखेंगे उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हमें पहुंचना होगा आज लोग मुस्कुराना भूल गए हैं सकारात्मक सोच और मेडिटेशन से ही हम स्वस्थ जीवन जी सकते हैं खुश रहे और सदा सबको खुशियां बातें यही ब्रह्माकुमारी बहने हमें सिखाती है उन्होंने आगे कहा की खुशियाँ सिर्फ पावर से नहीं मिलती छोटे छोटे प्रयासों से मिलती है किसी की मदद करना, आपस मे प्रेम से रहना,एक दुसरो को सम्मान देना l
कार्यक्रम का मन संचालन ब्रह्माकुमारी उमा दीदी जी के द्वारा किया गया l