बिलासपुर :- भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ देश की पहली संगठन है जिसने वर्ष 2003 में उस समय के वर्तमान श्रम मंत्री स्वडॉक्टर साहब सिंह वर्मा के नेतृत्व में रेल मंत्रालय श्रम मंत्रालय और श्रमिक संघ के बीच त्रिपक्षीय बैठक में संगठन ने भारत सरकार से यह मांग की थी की अंग्रेजी हुकूमत के समय जो श्रमिकों के गुलाम बनाने के लिए जो श्रम कानून बनाए गए हैं वही कानून आज तक चलते आ रहे हैं इन श्रम कानून में संशोधन किए जाने की बहुत ही आवश्यकता है ताकि रेलवे माल गोदाम के श्रमिक के जैसे और भी इस देश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को उसमें न्याय मिल सके उनका हक मिल सके और आजाद देश में गुलामी की जिंदगी से वह निकल सके लंबी संघर्ष के बाद वर्ष 2018 में तत्कालीन श्रम मंत्री श्री संतोष गंगवार जी के साथ लगातार बैठक करके नई श्रम कानून में रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों को स्थान मिले उनको पहचान मिले और सभी तरह की सुविधा प्राप्त हो जो इस देश के सरकारी कर्मचारियों को प्राप्त होती है वही सुविधा रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों को भी प्राप्त हो संगठन ने सरकार के साथ मिलकर सफलतापूर्वक रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों को इस नए श्रम कानून में स्थान दिलाने में सफलता हासिल की भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ देश का पहला रेलवे माल गोदाम श्रमिक संगठन है जिसने भारत सरकार के साथ तीन बार त्रिपक्षीय बैठक करके रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों को उसका हक अधिकार दिलाने का क वर्तमान समय में रेलवे को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो रेलवे माल गोदाम में 24 घंटा काम सुचारू से संचालित हो किसी भी माल वाहक को वेटिंग चार्ज डैमेज चार्ज ना देना पड़े समय सीमा के भीतर सुचारू रूप से कम हो और रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों को उचित पीस रेट के माध्यम से भारतीय रेल के तरफ से भुगतान हो इसके लिए भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ ने 9 अक्टूबर 2024 को वर्तमान श्रम मंत्री श्री मनसुख मांडवीया जी के नेतृत्व में रेल मंत्रालय श्रम मंत्रालय के साथ जो त्रिपक्षीय बैठक हुई थी उसमें संगठन ने सरकार को यह सुचार रूप से काम करने के लिए और भारतीय रेलवे एक को एक नए आयाम तक पहुंचाने के लिए संगठन ने सरकार को एक प्रपोजल पेश की जिसमें रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों के साथ-साथ भारतीय रेलवे का उत्थान हो और 24 घंटा काम को हम किस तरीके से सफलतापूर्वक कर सकते हैं और जो साल 10 साल भारतीय रेल की मालगाड़ी का ट्रांसपोर्टेशन में जो कमी आ रही है उसको कैसे बढ़ाया जा सके इन सारी विषय को संगठन ने सरकार को प्रपोज के रूप में दिया और भारत सरकार ने इस प्रपोजल को स्वीकार करते हुए श्रम मंत्रालय के द्वारा पूरे भारतवर्ष के रेलवे माल गोदाम में जाकर वहां के काम की स्थिति मजदूरों की समस्या माल वाहकों की समस्या और भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ ने जो त्रिपक्षीय बैठक में सर भारत सरकार को जो प्रपोज के माध्यम से जो सुझाव दिए उसे विषय पर सरकार ने बहुत ही गंभीरता पूर्वक काम करने का काम किया और पूरे हिंदुस्तान के रेलवे माल गोदाम का सत्यापन प्रक्रिया संपन्न कर करके रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों के हित में रिपोर्ट भेजने का काम हुआ हुआ है राष्ट्रीय महामंत्री जी के राष्ट्रव्यापी दौरा का मुख्य उद्देश्य है कि रेलवे माल गोदाम के श्रमिकों के बीच में जाकर नई श्रम कानून के तहत जून को अधिकार प्राप्त हुआ है उसके बारे में अवगत कराना उनकी सारी डॉक्यूमेंट को कंप्लीट करना और प्रत्येक रेलवे माल गोदाम में 24 घंटा काम चल उसके लिए शिफ्ट वाइस मजदूरों को डाटा तैयार करना इनका राष्ट्रीय विद्यार्थी दौरा का मुख्य उद्देश्य है जिससे रेलवे माल गोदाम के गरीब मजदूर जोश बहुत कम शिक्षित होते हैं जिनको कानून के बारे में रूल रेगुलेशन के बारे में जानकारी प्राप्त नहीं होती है इन सभी विषय से अवगत कराने के लिए राष्ट्रीय महामंत्री जी ने पूरे हिंदुस्तान के राष्ट्रव्यापी दौरा को करने का काम होने कर रहे हैं जिससे रेलवे माल गोदाम के एक-एक मजदूर को जागृत किया जा सके और इस अभियान में वह छूट नहीं उनका हक अधिकार प्राप्त हो उनका सारा डॉक्यूमेंट सन कंप्लीट हो जिससे उनका अधिकार उनके हाथों तक पहुंचा जा सके इस राष्ट्रव्यापी दौरा का मुख्य उद्देश्य ही है