बिलासपुर/ चक्करभाटा :- श्री झूलेलाल मंदिर चकरभाटा में चेटीचंद्र महोत्सव के कार्यक्रमों का हुआ समापन आज पल्लोव
की रात के कार्यक्रम का आयोजन किया गया प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है आज के इस कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि 9:00 बजे भगवान झूलेलाल बाबा गुरमुख दास जी की मूर्ति पर 💐पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित करके की गई इस अवसर पर तू ही तू दरबार कटनी से बाबा रोशन शाह सांई जी विशेष रूप से झूलेलाल मंदिर चकरभाटा पहुंचे यहां पर झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के द्वारा फूलों की वर्षा करके आरती उतार कर स्वागत और सत्कार किया गया

सांई जी के द्वारा फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया प्रथम बार चक्करभाटा पहुंचे थे वह मंदिर का भ्रमण करते हुए गर्भ गृह पहुंचे माथा टेका सांई जी से चर्चा करते हुए कहा की बहुत ही सुंदर भगवान झूलेलाल जी का मंदिर है कार्यक्रम की शुरुआत सिंधी महिला मंडल की सदस्यों के द्वारा मां शारदा की आराधना से की गई तब नवरात्रि के पावन अवसर पर नवदुर्गा स्वरूप सजीव झांकी छोटे-छोटे बच्चों को माध्यम से सजाई गई जो नौ रूप बनकर आई थी

सबका मन मोह लिया ओर आकर्षण केंद्र रही उसके बाद सिंधी गीतों पर एक से बढ़कर एक अलग-अलग ग्रुपों के द्वारा शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी गई सिंधी महिला मंडल कि महिलाओं के द्वारा सिंधी लाडा व सिंधी शादियों में होने वाले रीति रिवाज संस्कृति की झलक को गीतो के माध्यम से प्रस्तुति दी एवं आज के जवंलत मुद्दों पर समाज का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक नाटक का मंचन भी किया गया जिसका शिक्षक था तलाक क्यों नाटक के माध्यम से बताया गया कि आज की पीढ़ी पर लिख पढ़ ज्यादा रही है

पर अपने संस्कारों पर चल नहीं पा रही है और अपनी जिद के कारण अपने घर को तोड़ रही है ऐसे ही एक कहानी को दिखाया गया किस तरह एक लड़की चांदनी की शादी होती है बड़े धूमधाम से होती है अच्छे घर में होती है पर कुछ बातों पर सामज्यस नहीं बैठने के कारण वह तलाक ले लेती है और तलाक के बाद जो 20 लख रुपए मिलते हैं उसे लेकर घर पहुंच जाती है और आराम से सोना उठाना खाना पीना किटी पार्टी में जाना घूमना फिरना उसका नियम बन जाता है पर वक्त बीतता है अब वह घर वालों के लिए भी बोझ बन जाती है सभी घर वालों से पटरी नहीं बैठ पाती है माता-पिता से भाई भाभी से भी अब तू तू मे में , होने लगती है

बच्चों से भी अनबन होने लगती है जो भतीजे और भतीजी थी अब उससे भी अनबन झगड़ा हो जाता है,
अपनी गलती का एहसास होता है कि यह मेरा घर नहीं मेरा घर तो वह था जो मैं छोड़ कर आई थी आखिर में एक दिन फोन लगाती है अपने तलाकशुदा पति को और कहती है कि मुझे माफ कर दो मैं घर आना चाहती हूं मुझे आपकी याद आ रही है पति भी कहता है कि मुझे तुम्हारी भी याद आ रही है मैं आ रहा हूं तुम्हें लेने के लिए और वह उसे घर पहुंच जाता है और लड़की अपने माता-पिता से कहती है कि मैं जा रही हूं अपने घर,
अपने किए पर पछतावा होता है

और अपने घर पति के साथ चली जाती है इस कहानी का तात्पर्य यह है कि सुख हो या दुख हो पति पत्नी को साथ में रहना चाहिए और सामज्यस बिठाना चाहिए हर दिन एक जैसा नहीं होता है कभी खुशी है तो कभी गम भी आएंगे धूप है तो छांव भी आएगी और चादर जितनी हो पांव उतने फैलाने चाहिए और हर समय प्रभु का शुकराना करना चाहिए पैसा ही सब कुछ नहीं होता है पैसे के आगे भी बहुत कुछ है बाबा गुरमुख दास सेवा समिति रायपुर के सदस्य नीरज के द्वारा शानदार एक नृत्य नाटक के माध्यम से निर्देश किया और सबके सामने रखा उसमें उन्होंने 🌿🍃प्रकृति के साथ खिलवाड़ जो किया जा रहा है उस पर प्रकाश डाला नदियों को संरक्षण करने वह बचाने के लिए प्रकाश डाला साथ में बाबा गुरमुख दास के जीवन के बारे में प्रकाश डाला नाटक गीत भजन और नित्य के समावेश कर कर यह एक छोटा सा प्रोग्राम बनाया गया था इसे बहुत बेहतरीन तरीके से अदाकारी से महिलाओं ने बच्चों ने युवतियों ने सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया कार्यक्रम के आखिर में चक्करभाटा की मशहूर सिंधी छेंज , कि
महिलाओं ने आंखों में पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया आज के इस बेहतरीन सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए संत सांई लाल दास जी ने सिंधी महिला मंडल एवं झुलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के सभी सदस्यों को बहुत-बहुत बधाइयां और शुभकामनाएं दी

साथ में सभी का सम्मान किया गया उपहार दिए गए और पेंटिंग प्रतियोगिता और रंगोली प्रतियोगिता विजेताओं को भी उपहार भेट किए गए कटनी से आए संत रोशन शाह जी ने भी ऐसे कार्यक्रम को देखकर बहुत प्रसन्न हुए और खुद को भी ना रोक पाए भक्तों के संग जाकर उन्होंने भी भोलेनाथ के भजन पर सुंदर नृत्य किया बाबा गुरमुख दास सेवा समिति के द्वारा संत जी का सम्मान किया गया कार्यक्रम के आखिर में पल्लव पाया गया विश्व कलयाण के लिए प्रार्थना की गई आए हुए सभी भक्तजनों के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारा ग्रहण किया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया

हजारों की संख्या में घर बैठे लोगों ने आज के कार्यक्रम का आनंद लिया इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में सिंधी महिला मंडल से झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप बाबा गुरमुख दास सेवा समिति के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा इस पूरे आयोजन को कवर करने के लिए हमर संगवारी के संपादक, विजय दुसेजा विशेष रूप से चक्करभाटा पहुंचे और इस पूरे कार्यक्रम को कवर किया