विजय की ✒कलम
( इस सफलता के लिए समस्त सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा और बधाई के पात्र रहे, सभी ने एकता का दिया संदेश)
बिलासपुर:- सिंधी समाज के आराध्य देव, वरुण देव के अवतार भगवान झूलेलाल जी का 1076 वां अवतरण”दिवस यूं तो विश्व भर में सिंधी समाज के अलावा अन्य समाज भी बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया आप लोग सोचते होंगे कि अन्य समाज क्यों मनाएगा गुजरात और राजस्थान में और सिंध में आज भी भगवान झूलेलाल जी को बहुत मानते हैं और उनके अलग-अलग नाम से पुकारते हैं बिलासपुर में भी सिंधी युवक समिति के द्वारा विगत 52 वर्षों से प्रतिवर्ष चेटीचंद्र महोत्सव के अवसर पर शोभायात्रा निकलती आई है इस बार53 वां वर्ष रहा और बीच में बहुत उतार-चढ़ाव आए आते रहे भी बहुत सारी बातें हुई लेकिन अंत में कहते हैं ना,जीत सत्य की होती है धर्म की होती है और न्याय की होती है और यहां पर भी वही हुआ, समय काम था काम ज्यादा था साथ देने के लिए कोई तैयार नहीं था बोलने के लिए हम सब एक हैं पर सामने में अकेले खड़े हैं फिर भी संस्था के प्रमुख लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और जि जान लगाकर भगवान झूलेलाल का नाम लेकर 20 मार्च को भव्य सुंदर अद्भुत शोभायात्रा निकाली

एक से बढ़कर एक झांकियों के साथ शहर के हेमू नगर से आरंभ होकर भक्त कवंर राम नगर में समापन हुई इस शोभायात्रा की खास बात यह रही कि यह 12 किलोमीटर लंबा सफर पूरा किया और शहर के प्रमुख मार्गो से गुजरी सुबह 12:00 बजे निकली रात को 12:00 बजे पहुंची जगह-जगह महिलाएं ,युवा और समाज के बड़े बुजुर्गों ने इस शोभायात्रा में शामिल होकर शोभायात्रा की शान बढ़ाई एवं समिति के सभी सदस्यों को आशीर्वाद दिया और उनकी खुशी और ऐसा भक्ति भरा माहौल देखकर 💜❤दिल को सुकून मिला वैसे तो उत्सव के पहले ही पूरे छत्तीसगढ़ में एक से एक कार्यक्रम हो रहे थे पर जो सफलता और सबका साथ और सब ने आनंद लिया गरीब से लेकर अमीर, छोटे से लेकर बड़े तक वह था यह झुलेलाल की शोभायात्रा एक छोर से शुरू होकर दूसरे छोर में जाकर समापन हुई असली मेला यह था झूलेलाल का मेंला इसमें कोई भेदभाव नहीं था इसमें कोई टिकट नहीं थी इसमें कोई काउंटर का पैसा नहीं था
सब फ्री था आओ खाओ पियो नाचो गाओ झूलेलाल की जय जयकार करो , न कोई छोटा
न कोई बड़ा था सब एक थे ,
सिंधी थे यही भावना हर बार में कहता हूं संस्थाओं को की जो भी कार्यक्रम करो ऐसा करो कि पूरा समाज एक होकर उसमें शामिल होए और कार्यक्रम का आनंद ले इस शोभायात्रा ने कई संदेश दिए अगर इस संदेश को हम समझ सके और समाज के हर पंचायत और सेंट्रल पंचायत वार्ड पंचायत और संस्थाएं उसे सीख ले तो भविष्य में हम और अच्छा कार्य कर सकते हैं और जो आपसी मनमुटाव है वह भी खत्म हो सकता है अहंकार को खत्म करो उच्च नीच को खत्म करो छोटे-बड़े के भेदभाव को खत्म करो एकता में ही शक्ति है एकता में ही आनंद है और एकता में ही सब कुछ है समझ सको तो अच्छी बात है और ना समझो तुम्हारी बात है
कहने से कुछ नहीं होता करने से होता है और सिंधी युवक समिति ने करके दिखा दिया,

एक से बढ़कर एक झांकियां इस शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थी सभी के लिए कुछ न कुछ जरूर था सबका ख्याल रखते हुए झांकियों का चयन किया गया था जो देश के अलग-अलग शहरों से मंगाई गई थी जिसने भी देखा सब ने कहा वा क्या बात है आनंद आ गया कहते हैं न सच्चे 💜❤दिल से सच्चे मन से किया गया कार्य कभी असफल नहीं होता है और जिस कार्य के लिए आप भगवान का नाम ले रहे हो और भगवान के लिए ही कर रहे हो वह कार्य जरूर सफल होता है कुछ लोग जरूर चाहते थे कि यह असफल हो जाए और अवरोध भी पैदा करने की कोशिश की गई पर जब साथ में सच्चाई हो ईमानदारी हो और भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद हो वहां छल कपट और पापीयो की चाल नहीं चलती है ना ही उनकी दाल गलती है
जीत धर्म की न्याय की और ईमानदारी की सच्चाई की होती है और यहां पर भी वही हुआ, बड़ों का मिला आशीर्वाद छोटो का मिला साथ महिलाओं और बच्चों का मिला संघ और सभी झूलेलाल के रंग में रंगे,
आयो लाल झूलेलाल, पल्ले वारो घोड़े वारो झूलेलाल , दरीया वारो झूलेलाल, इस ऐतिहासिक शोभायात्रा के लिए समिति के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं और सभी लोग भी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने कण भर भी सच्चे मन से इसमें साथ दिया है, अच्छा है यही प्यार यही एकता यही अपनापन और यही सम्मान बना रहे इसमें ही आपका भी भला है समाज का भी भला है और हमारे देश का भी भला है एक रहेंगे संग रहेंगे प्यार से रहेंगे यही संदेश इस शोभायात्रा ने दिया यही संदेश सभी कार्यक्रमों ने दिया और यही संदेश हमर संगवारी भी दे रही है
एक रहो खुश रहो
संपादकीय