विजय की ✒कलम
( भारत में पेट्रोल और डीजल में एक्साइज ड्यूटी घटी पर खाने के तेल का रेट बड़ा क्यों?)
देश / विदेश :- पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है कोई तेल के रेट के कारण परेशान है कोई गैस की कीमत के कारण परेशान है तो कोई महंगाई के कारण परेशान है कोई बिक्री के लिए परेशान है तो कोई खरीदारी के लिए परेशान है
और इन सबसे खुश अगर कोई है तो वह है ट्रंप अमेरिका का राष्ट्रपति जिसके कारण पूरा यह खेल खेला गया झूठा आरोप ईरान पर लगाया गया असली खेल था तेल का क्योंकि अमेरिका के चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तेल के बिजनेस करने वाले दलालों ने व्यापारियों ने अरबों डॉलर का सहयोग किया ताकि वह जीतने के बाद हमें तेल के खेल में फायदा पहुंचा सके और उसकी शुरुआत कुछ समय पूर्व वेनेजयूला के राष्ट्रपति को जबरदस्ती उसके देश से पकड़ कर लाकर अपने देश में सजा देकर जेल में बंद कर दिया और वहां पर कठपुतली सरकार बैठा दी और जितना तेल था उस पर अपने चेहतो की कंपनियों को ठेका दिलवा दिया ऐसा ही खेल वह अन्य जगहों पर भी खेलना शुरू किया और पहुंचा ईरान पर ईरान में दाल नहीं गली,
भले ही उसने वहां के टॉप लीडरों को अधिकारियों को सैना के उच्च पद पर बैठे अधिकारियों को भी मार डाला नेताओं को भी मार डाला फिर भी वहां पर सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ जो सपना देखा था वह अधूरा रह गया जो चाल चली थी वह उल्टी हो गई फिर भी वह हार मानने को तैयार नहीं है और जबरदस्ती ईरान के तेल पर कब्जा करना चाहता है उसकी लालच ने 🌏विश्व के कई देशों को अंधकार में डुबो दिया करोड़ो जनता को भुखमरी , बेरोजगारी के लिए लाचार कर दिया इसका असर भारत में भी पड़ा कुछ यहां के दलाल लोग और कुछ ऐसे लोग जो इस मौके का फायदा उठाने के लिए गलत गलत अफवाह उड़ाने लगे और गैस में और बाकी सामानों में कालाबाजारी शुरू कर दी?

जिसका असर आम जनता पर पड़ा और आम जनता में भेय उत्पन्न हो गया खासकर मध्यम वर्ग एवं निम्न वर्ग पर , आगे क्या होगा क्या करोना जैसा हाल होगा इसी भागम भाग और कोरी अफवाह ने और बढ़ावा दे दिया इसमें कहीं ना कहीं कुछ भ्रष्ट नेताओं का भी हाथ है?
जो ऐसे मौके तलाश करते है वह अपनी जेब गर्म करने का काम करते है?
केंद्र सरकार ने तो पेट्रोल पर डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई अच्छी बात है पर उसका फायदा क्या आम जनता को मिल रहा है नहीं?
3 साल तक रुस से सस्ते में तेल खरिदा क्या उसका फायदा आम जनता को मिला नहीं?
तो क्या अब आम जनता को उसका फायदा मिलेगा ऐसा लगता है नहीं?
ऊपर से गैस पर ₹60 प्रति सिलेंडर रेट बढ़ गया खाने के तेल में रेट बढ़ गया जब डीजल पेट्रोल में रेट बढ़ा ही नहीं है तो खाने के तेल में रेट कैसे बढ़ गया?
नारियल तेल का रेट आसमान छूने लगा 100 ग्राम ₹70
खाने का तेल का टीपा ₹2600 यह उछाल क्या बता रहा है
असल में गोलमाल कहां हो रहा है हमारी नजर गैस पर और पेट्रोल डीजल पर है असली गोलमाल तो खाद्य सामग्री और खाने के तेल पर हो रहा है?
😧क्या सरकार की नजर इस पर है क्या इस गंभीर समस्या पर सरकार ने ध्यान दिया है क्या राज्य सरकार इस ओर देख रही है या कुंभकरण की निद्रा में सोई हुई है?
जब तक विपक्ष वाले इस मुद्दे को कैच करें जनता सड़कों पर उतरे तब तक भ्रष्ट लोग और दलाल लोग इस तरह रेट बढ़ाकर गरीब जनता को लूट कर अपनी तिजोरिया भरते रहेंगे? क्या सरकार जागेगी इस ओर ध्यान देगी और जो फायदा आम जनता को मिलना चाहिए उसके लिए कदम आगे बढ़ाएगी कडा एक्शन लेगी यह देखना लाजमी होगा राज्य सरकार को भी मंत्रियों को भी विधायकों को भी और गांव से लेकर शहर से लेकर नगर तक नगर से लेकर राजधानी तक जो बैठे हैं जनप्रतिनिधि उन सब को इस ओर ध्यान देना चाहिए और इस पर क्या फैसला लेते हैं जनहित में कार्य करते हैं कि नहीं करते हैं यह देखना अब लाजमी होगा
विपक्ष वाले भी सो गए हैं या अंधेरे में खो गए हैं या कुर्सी की आस में मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं?
जागो विपक्ष वालों जागो एक पार्टी और एक परिवार के आगे देखो करोड़ों जनता परेशान है लाचार है महंगाई से भ्रष्टाचार से उसे पर ध्यान दो और इन मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आखे , खोलने के लिए आगे आओ तभी विपक्ष मजबूत होगा और सही मायनों में विपक्ष अपना कार्य कर सकेगा
लोकतंत्र में हम तो अपना कार्य कर रहे हैं आगे भी करते रहेंगे सरकार को और जनता को जगाते रहेंगे सच और झूठ क्या है यह बताते रहेंगे अब देखना है कौन जागता है और कौन सोता है क्या महंगाई इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी जनता यूं ही 😕परेशान होती रहेगी या इसका निदान भी होगा?
संपादकीय