दुबई कनेक्शन आया सामने आईपीएल सट्टे में महापौर पूजा विधानी का भतीजा विशाल विधानी हुआ गिरफ्तार ?
भारत में गोवा से जुड़े तार
बिलासपुर : सट्टेबाजी को लेकर आये दिन कोई ना कोई सटोरिया पुलिस के हत्थे चढ़ ही रहा है, ऐसे में अब सिटी कोतवाली पुलिस ने आइपीएल मैच में सट्टा खिलवाते महापौर पूजा विधानी के भतीजे विशाल विधानी के साथ ही उसके सहयोगी दीपक भक्तानी जूना बिलासपुर,को गिरफ्तार किया है, जहाँ रसूखदार का दबाव भी काम नहीं आया है। मामले की जांच में पता चला है कि इस गिरोह के तार गोवा निवासी मुख्य सरगना राजा अरोरा से जुड़े हुये हैं, जो दुबई से सट्टा लिंक उपलब्ध कराता था। एक अन्य मामले में सिरगिट्टी पुलिस व एसीसीयू की टीम ने कार में बैठकर दांव लगवा रहे तीन सटोरियों को गिरफ्तार कर नकदी व सट्टे से जुड़े सामान बरामद किये गये हैं।
ऑनलाईन सट्टा खिलाते पकड़ा गया आरोपी इस मामले में कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि उदई चौक बजरंग मंदिर के पास एक युवक ऑनलाईन सट्टा खिला रहा है। सूचना पर पुलिस ने दबिश दी तो दो युवक मौके पर मैच देखते दिखाई दिये। युवक ने अपना नाम दीपक भक्तानी बताया। मोबाइल चेक करने पर ऑनलाईन क्रिकेट सट्टा का कुछ मैसेज मिला। एएसआइ विजय राठौर युवक को हिरासत में लेकर थाने लेकर पहुंचे। जहाँ उससे पूछताछ की गई।
विशाल विधानी उपलब्ध कराता था सट्टा आईडी :
वहीँ गिरफ्त में आने के बाद पुलिस की पूछताछ में आरोपी दीपक भक्तानी ने स्वीकार किया कि वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच चल रहे मैच पर दांव लगवा रहा था। उसने यह भी बताया कि वह पिछले दो वर्षों से सट्टे के अवैध कारोबार में संलिप्त है। सट्टा खिलाने के लिए विशाल विधानी आईडी उपलब्ध कराता था और मुनाफे में आठ प्रतिशत हिस्सा लेता है। इसके साथ ही दीपक भक्तानी ने गोवा निवासी राजा अरोरा के भी सिंडिकेट में शामिल होने की जानकारी दी है।
नगदी और मोबाईल जब्त, आरोपियों पर मामला दर्ज :
जिसके बाद पुलिस ने दीपक की निशानदेही पर विशाल विधानी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से चार कीमती मोबाइल फोन, एक सुजुकी स्कूटी और एक लाख 10 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों सटोरियों के खिलाफ धारा 7(2) छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट व 112 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
वाट्सएप हिसाब-किताब और ऐप में स्कोर का खेल
आरोपित दीपक भक्तानी वाट्सएप और विशेष सट्टा ऐप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। सट्टे की रकम का लेन-देन ऑनलाइन और नगद दोनों माध्यमों से होता था। पुलिस को मोबाइल से सट्टा पट्टी के कई स्क्रीनशाट मिले हैं, जिन्हें आरोपितों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से डिलीट करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें बरामद कर लिया। विशाल विधानी बिलासपुर महापौर पूजा विधानी का भतीजा बताया गया है।
राजा अरोरा से जुड़े तार, टीम जाएगी गोवा :
मामले की पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्य सरगना गोवा निवासी राजा अरोरा है, जिससे आरोपियों की मुलाकात दो साल पहले गोवा में हुई थी। राजा अरोरा ही दुबई और अन्य स्थानों से सट्टा संचालित करने वाले लिंक प्रदान करता था। पुलिस अब उन मोबाईल नंबरों की जांच कर रही है जिनके जरिए यह पूरा संगठित अपराध संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने जल्द ही गोवा राजा अरोरा की तलाश में जाने की बात कही है, जहाँ आवश्यक कार्यवाही की जायेगी और सरगना को पकड़ने का प्रयास किया जायेगा।
लगातार बदल रहे थे लोकेशन, तीन पकड़े गये :
इसके साथ ही दूसरे मामले में सिरगिट्टी पुलिस व एसीसीयू की टीम को सूचना मिली कि गुम्बर पेट्रोल पंप के पास एक सफेद रंग की क्रेटा कार सीजी 10 बीडी 8888 में सवार कुछ युवक, मोबाईल के माध्यम से स्थान बदल-बदलकर सट्टा खिला रहे हैं। सूचना पर टीम ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा, जिसमें रामेश्वर गुप्ता, दीपचंद सोनकर और सीताराम साहू सवार थे। जांच करने पर आरोपियों के मोबाइल में वाट्सएप के माध्यम से सट्टे के लेन-देन का विवरण मिला।
पुलिस ने मौके से पांच लाख एक हजार 300 रुपये नकद, चार मोबाइल और 10 लाख रुपये की क्रेटा कार जब्त की है। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे क्रिकेट मैच पर हार-जीत का दांव लगवा रहे थे। इनके खिलाफ धारा 7(2) छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट एवं 112 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर इन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने ऐसे ही सभी सटोरियों पर निष्पक्ष कार्यवाही की बात कही है,
सिंधी समाज के जो बड़े बुजुर्ग हैं मुखिया हैं उनको अब सोचना चाहिए की हाल ही में जो घटना घटी है लगातार पुलिस जो कार्रवाई कर रही है सट्टा जुवा शराब में उसमें ज्यादातर समाज के ही व्यक्ति क्यों शामिल पाए जाते हैं क्या हमारी युवा पीडि को शराब सट्टे में ही अपना जीवन बर्बाद कर लेगी, गरीब की औलाद अगर कुछ करता है तो समझ में आता गरीब है ,लेकिन जब पैसे वाला और 💰धन्यवान और राजनीतिक पहुंच वाले के रिश्तेदार वह उनकी संतानें , अगर इस तरह के कार्य करें तो समस्या बढी़ गंभीर 😳है इस बात का समाधान निकालने के लिए समाज के भी वरिष्ठ लोगों को बैठकर चिंतन करना जरूरी है,
