- सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। शहर में स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली विभाग उपभोक्ताओं से समय पर बिल वसूली और बकाया होने पर तत्काल लाइन काटने में तो पूरी सख्ती दिखा रहा है, लेकिन दूसरी ओर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।
शिकायत नंबर 1912 बना उपभोक्ताओं के लिए “मजाक”,
हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को घंटों और कई बार दिनों तक अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि शिकायतों के समाधान के लिए बनाया गया टोल फ्री नंबर 1912 लोगों के लिए राहत की बजाय “मजाक” बनता जा रहा है।
रातभर गुल रही बिजली, सुबह आ गया समाधान का मैसेज
तोरवा क्षेत्र के लालखदान इलाके में बीती रात बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। परेशान उपभोक्ताओं ने रात लगभग 12 बजे फ्यूज कॉल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन नंबर लगातार बिजी टोन देता रहा। इसके बाद उपभोक्ताओं ने टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत क्रमांक 5915697 दर्ज होने के बावजूद पूरी रात बिजली बहाल नहीं हुई।
हैरानी की बात यह रही कि सुबह करीब 5 बजे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर “समस्या का समाधान कर दिया गया है” का संदेश पहुंच गया, जबकि पूरे क्षेत्र की बिजली अब भी बंद थी। इस स्थिति ने लोगों की परेशानी और नाराजगी दोनों बढ़ा दी। रातभर गर्मी और अंधेरे में जागकर समय बिताने वाले लोगों ने इसे विभागीय लापरवाही की पराकाष्ठा बताया। बाद में एक उपभोक्ता ने पूरी घटना सोशल मीडिया पर साझा कर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। रोजाना उपभोक्ता टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराते हैं, लेकिन या तो शिकायतों का समाधान समय पर नहीं होता या फिर बिना काम किए “समाधान” का संदेश भेज दिया जाता है।
लोखंडी गांव के लोगों ने किया
नेहरू नगर कार्यालय का घेराव
एक सप्ताह से बिजली संकट, ट्रांसफार्मर और केबल सुधार नहीं होने पर फूटा आक्रोश
लगातार बिजली संकट से परेशान लोखंडी गांव के ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। करीब 20 से अधिक ग्रामीणों ने नेहरू नगर स्थित सहायक यंत्री कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले एक सप्ताह से पूरा क्षेत्र बिजली समस्या से जूझ रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो खराब केबल बदली गई और न ही ट्रांसफार्मर की खराबी दूर की गई। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ते लोड के कारण लगातार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान निकालने की बजाय केवल आश्वासन दे रहा है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अर्चना विहार में 15 दिनों बाद लौटी रोशनी, लोगों की आंखें हुई नम
पानी के लिए भटके रहवासी, बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेजना पड़ा
दीनदयाल लोखंडी रोड स्थित अर्चना विहार कॉलोनी में करीब 15 दिनों बाद बिजली बहाल होने पर लोगों की आंखें नम हो गईं। लंबे समय तक अंधेरे और पानी संकट से जूझ रहे रहवासियों ने जैसे ही अपने घरों में रोशनी देखी, खुशी से भावुक हो उठे। शुक्रवार को बिजली बहाल होते ही लोगों ने सबसे पहले घरों की लाइटें जलाईं और फिर पानी भरने के लिए बोर की ओर दौड़ पड़े। क्षेत्र के चंद्रमणी श्रीवास, अजय राजपूत, जीवन राय सहित कई रहवासी, जो लगातार बिजली कार्यालयों के चक्कर काटते-काटते थक चुके थे, राहत मिलने पर प्रशासन और मीडिया का आभार जताते नजर आए। बताया गया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक क्षेत्रवासी बिजली कर्मचारियों के साथ मौके पर डटे रहे। जब तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई, लोग कर्मचारियों के पीछे-पीछे घूमते रहे। दरअसल, गुरुवार को क्षेत्रवासियों ने जनदर्शन में कलेक्टर से शिकायत की थी। कलेक्टर की सख्ती और मीडिया में मामला प्रमुखता से उठने के बाद विभाग सक्रिय हुआ और शुक्रवार को आठ घंटे की मशक्कत के बाद बिजली बहाल की जा सकी।
बाइक से ढोना पड़ा पीने का पानी
कई दिनों तक लोग नहा तक नहीं सके, किसानों की फसलें भी हुईं प्रभावित
अर्चना विहार और आसपास के लोगों की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें बाइक और अन्य साधनों से लोखंडी क्षेत्र से पीने और खाना बनाने के लिए पानी लाना पड़ रहा था। कई परिवारों ने अपने छोटे बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया था। कुछ लोगों ने बताया कि पानी की भारी किल्लत के कारण कई दिनों तक नहाना तक संभव नहीं हो पाया। क्षेत्र के सब्जी उत्पादक किसान भी बिजली संकट से बुरी तरह प्रभावित हुए। सिंचाई नहीं होने के कारण उनकी फसलें सूखने लगी थीं। बिजली बहाल होने के बाद किसानों ने भी राहत की सांस ली। रहवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन और मीडिया ने समय रहते पहल नहीं की होती तो समस्या और लंबी खिंच सकती थी। अब लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग केवल अस्थायी मरम्मत की बजाय स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में फिर ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
