दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
राजधानी में सिंधी समाज ने सिंधी भाषा मान्यता दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। यह दिन 1967 की उस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्मरण कराता है, जब सिंधी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिला। इस अवसर पर एस.ई.एस. बाबा नेभराज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सिंधी अकादमी दिल्ली द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता सुश्री वीणा श्रृंगी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी भाषा का वास्तविक संरक्षण घर-परिवार में उसके नियमित प्रयोग से ही संभव है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि बच्चों के साथ मातृभाषा का उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि यह विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रहे।
बाबा नेभराज सीनियर सेकेंडरी स्कूल और हेमनानी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। पारंपरिक सिंधी संगीत पर आधारित नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और मंच पर संस्कृति की जीवंत छवि उकेरी।

सिंधी अकादमी दिल्ली द्वारा आयोजित इस समारोह में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया। अकादमी के सचिव डॉ. रमेश एस. लाल ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए समाज से उनके मार्गदर्शन की अपील की


। इस अवसर पर ‘सिंधी बाल साहित्य पत्रिका का विमोचन भी किया गया।यह दिवस केवल संवैधानिक मान्यता का प्रतीक नहीं, बल्कि उस जीवंत सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है, जो बिना किसी भौगोलिक सीमा के विश्वभर में कायम है। कार्यक्रम का समापन सिंधी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
