रायपुर :- उत्कृष्टता कभी भी पद से, कुर्सी से अथवा पैसा होने से भी नहीं आती। वरन् उत्कृष्टता आती है हमारे कर्म से। उस काम से जो हम आप करते हैं और ऐसा कर्म जो दूसरों के जीवन को छूता है।
“पद” 👑 वही सार्थक है, जब आपके पद 👣 कहीं पड़े तो किसी के दिल मे सुकून, खुशी, और मान-सम्मान की एक “आहट” पैदा कर दे।
बस…..आपका कर्म कार्य स्व हित ना होकर सामाजिक हितों हेतु निस्वार्थ भाव से होना चाहिए।
आपने क्या पाया, यह आपका निजी अनुभव अथवा हिस्सा हो सकता है। लेकिन आपने क्या दिया, वही सार्वजनिक है। और आदमी की असली पहचान वही है जो सार्वजनिक है। जो दूसरों के काम आता है। जो समाज को थोड़ा बेहतर बना देता है।
क्योंकि

इस दुनिया में किसी भी व्यक्ति को कभी भी उसके द्वारा स्वयं के लिए अर्जित की गई चीजों अथवा वस्तुओं के लिए पुरस्कृत नहीं किया गया है। बल्कि उसने समाज के अन्य दूसरे तबकों को जो दिया है, उसके लिए उसे हमेशा सम्मानित किया जाता है..इन्दू गोधवानी, रायपुर..✍️ 9425514255
