रायपुर : राजधानी रायपुर में 14 वर्षों से अपनी जमा पूंजी वापसी के लिये परेशान हो रहे ग्राहक ने मुथुट फाइनेंस कंपनी से लम्बी लड़ाई लड़ी है, फिर भी उसे अब तक न्याय नहीं मिला है, जिसको लेकर उपभोक्ता फोरम ने भी कंपनी को हर्जाना भरने का आदेश दिया है, फिर भी कंपनी आदेश को ना मानते हुये पीड़ित को लम्बे समय से घुमा रही है, जिसमें स्थानीय अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। मामले के अनुसार किशोर मोटवानी को किसी आवश्यक कार्य के लिये ऋण की आवश्यकता थी, जिसके लिये उन्हें गोल्ड लोन बेहतर लगा, जिसके लिये वो ऋण लेने पहुँच गये जीई रोड स्थित मुथूट फाईनेंस कंपनी में जहाँ से उन्होंने अपना सोना गिरवी रखकर 72,000 रूपये का ऋण लिया, गिरवी रखा गया सोना 86.5 ग्राम था, जिस पर उक्त कम्पनी द्वारा ऋण राशि दी गई थी। यह मामला 18 मार्च 2008 का था। इसके कुछ समय पश्चात् ऋण लेने वाले परिवादी उपभोक्ता को समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला किउक्त शाखा में लूट/डकैती का मामला सामने आया है, जिसमें किशोर मोटवानी का सोना भी लूटकर ले जाया गया है। उस समय उपभोक्ता द्वारा पूछने पर आश्वासन दिया गया कि पुलिस कार्यवाही के दौरान सोना प्राप्त होने पर जल्द ही लौटा दिया जायेगा, लेकिन किसी कारणवश ऐसा ना हो सका।
पीड़ित लगातार अपनी पूंजी वापसी का प्रयास करता रहा. उसके बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से मामले का निपटारा करने की बात कही गई, लेकिन वो भी नहीं किया गया और लगातार परिवादी को घुमाया गया। लगातार 14 वर्षों तक पीड़ित को परेशान होना पड़ा लेकिन कोई हल नहीं निकला, जिसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता संरंक्षण के समक्ष परिवाद दायर किया। मामले में अंततः जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया गया।
जिला उपभोक्ता फोरम ने फाइनेंस कंपनी को दिया ब्याज सहित संपत्ति लौटाने का आदेश :
अब इस मामले के अनुसार जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा 23 अप्रैल 2025 मुथूट फाइनेंस कंपनी को भरपाई का आदेश जारी कर दिया है, फिर भी स्थानीय स्तर के अधिकारी लगातार उन्हें घुमा रहे है, और भरपाई करने के नाम पर किसी प्रकार का कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे रहे है और प्रार्थी को लगातार परेशान कर रहे है। स्थानीय अधिकारियों ने इस मामले में कहा कि यह उनके अंतर्गत नहीं आता, तो वहीँ अन्य किसी ने कार्यवाही के लिये कम्पनी से बात करने की बात कही, रायपुर से लेकर दिल्ली और बेंगलोर की शाखाओं तक में लेकिन किसी ने भी इस मामले में जिम्मेदारी लेने से अथवा निपटारा करने में असक्षमता जताई।
वहीँ रायपुर की जीई रोड की शाखा के प्रमुख अधिकारी मोहन सी सैम्युल (RM) ने भी लगभग अपना पल्ला झाड़ दिया उन्होंने कहा कि हमने कार्यवाही के लिये दिल्ली भेज दिया है, लेकिन अब तक उसका कोई जवाब नहीं आया है, हम फॉलोअप ले रहे है, लेकिन जब कुछ दिन बाद फिर पूछा गया तो उन्होंने फोन काट दिया और कोई जवाब नहीं दिया। इस तरह पीड़ित को स्थानीय अधिकारी लम्बे समय से परेशान चल रहे है, क्षेत्रिय अधिकारी द्वारा बार – बार दस्तावेज मंगवाये जाने के बाद भी कोई हल नहीं हुआ है।
वहीँ इस मामले में किशोर मोटवानी ने कहा है कि उनके पुश्तैनी और घरेलु जेवरात भी पीड़ित न्याय के लिये अब भी भटक रहा है, जिसके कारण उसने कम्पनी से किसी प्रकार कोई लेनदेन ना करने का निवेदन किया है, जिससे कही किसी और को कोई परेशानी से ना जूझना पड़े, क़ानूनी आदेश होने के बावजूद कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। इससे परेशान होकर उसने उपभोक्ताओं से कहा है कि उक्त कंपनी से किसी प्रकार का कोई भी लेनदेन ना करें, मेरे पुश्तैनी जेवर चले गये और न्याय भी नहीं मिला, अगर अब भरपाई मिलती भी है, तो किस आधार पर मिलेगी? उस समय सोने की कीमत और वर्तमान में बहुत फर्क आ चुका है, इसका जिम्मेदार कौन होगा? आवश्यक समाधान ना होने पर ऐसे में जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी के खिलाफ भी मामला डालना पड़ सकता है।
