बिलासपुर सिंधी समाज की संपत्ति, संचालन और हिसाब-किताब को लेकर उठे सवाल;, बिलासपुर सिंधी समाज में पारदर्शिता की मांग
बिलासपुर :- बिलासपुर सिंधी समाज में श्री झूलेलाल मंगल धाम बिलासपुर के संचालन और उसकी व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। समाज के कुछ लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से बिलासपुर में मंगल धाम का निर्माण किया गया था, क्या आज वह उसी उद्देश्य के अनुरूप समाज के काम आ रहा है? यदि नहीं, तो क्यों न इसका संचालन समाज की पुरानी एवं सक्रिय संस्था सिंधी युवक समिति को सौंप दिया जाए?
सिंधी समाज के जानकारों के अनुसार बिलासपुर की सिंधी युवक समिति पुरानी पंजीकृत सामाजिक संस्थाओं में से एक है। वरिष्ठ समाजजनों एवं तत्कालीन पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर से जुड़े लोगों के प्रयासों से इसका गठन हुआ था। समिति द्वारा प्रतिवर्ष धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ शोभायात्रा सहित विभिन्न सेवा कार्य किए जाते हैं।और सिंधी समाज की एक मात्र शिक्षण संस्था द्वारा सिंधु विद्या मंदिर स्कूल के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर भी एक पंजीकृत संस्था है, लेकिन पिछले कुछ समय से उसके निर्णयों और कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया एवं समाज के बीच चर्चा होती रही है। विशेष रूप से श्री झूलेलाल मंगल धाम बिलासपुर के लिए अलग समिति, अलग व्यवस्था और अलग संविधान बनाए जाने को लेकर कुछ समाज जनों ने सवाल उठाए हैं।
जमीन और निर्माण को लेकर भी सवाल
समाज के कुछ लोगों का कहना है कि मंगल धाम के लिए मिली जमीन और सहयोग समाज के माध्यम से प्राप्त हुआ था। ऐसे में इसे अलग व्यवस्था के तहत संचालित किए जाने की आवश्यकता और आधार को लेकर समाज के सामने स्पष्ट जानकारी रखी जानी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल मंगल धाम की आय-व्यय और हिसाब-किताब को सार्वजनिक करने को लेकर उठ रहा है। समाज जनों की मांग है कि संस्था के संविधान और नियमों के अनुसार आय-व्यय का पूरा विवरण समाज के सामने रखा जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या संदेह की स्थिति न बने।
बड़े आयोजन मंगल धाम के बजाय होटल में क्यों?
मंगल धाम का निर्माण समाज के बड़े आयोजनों और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था। ऐसे में समाज के कुछ लोगों का सवाल है कि जब इतना बड़ा भवन उपलब्ध है तो बड़े सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन बाहर के होटलों में क्यों किया जा रहा है?
हाल ही में डांडिया सहित अन्य सामाजिक आयोजनों को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। समाज जनों का कहना है कि यदि मंगल धाम समाज की सुविधा के लिए बनाया गया है तो उसका अधिकतम उपयोग समाज के कार्यक्रमों के लिए होना चाहिए।
महिला विंग बिलासपुर के आयोजनों को लेकर भी इसी तरह की चर्चा है। सवाल उठाया जा रहा है कि बड़े भवन के उपलब्ध होने के बावजूद आयोजन होटल में करने का निर्णय क्यों लिया गया? क्या श्री मंगल धाम बिलासपुर की सुविधाओं का उपयोग समाज के कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जा सकता?
क्या समाज की संस्था को सौंपा जा सकता है संचालन?
कुछ समाजजनों का सुझाव है कि यदि वर्तमान व्यवस्था मंगल धाम का संचालन प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रही है, तो समाज की किसी पुरानी, अनुभवी और सक्रिय संस्था को इसका संचालन सौंपने पर विचार किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि यदि श्री मंगल धाम बिलासपुर का संचालन सिंधी युवक समिति बिलासपुर जैसी संस्था को दिया जाता है तो जरूरतमंद समाज जनों को कम दरों पर भवन उपलब्ध कराया जा सकता है। सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए रियायत दी जा सकती है और प्राप्त आय का उपयोग समाज सेवा के कार्यों में किया जा सकता है।
सिंधी युवक समिति बिलासपुर पर जताया भरोसा
समाज के कुछ वरिष्ठजनों का कहना है कि सिंधी युवक समिति ने समय-समय पर सामाजिक एकता और सेवा के क्षेत्र में कार्य किया है। समिति के युवा नेतृत्व ने समाज को जोड़ने तथा भव्य शोभायात्राओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी सक्रियता दिखाई है।
ऐसे में समाज के बीच यह विचार भी सामने आ रहा है कि श्री झूलेलाल मंगल धाम बिलासपुर का संचालन ऐसी संस्था को सौंपा जाए जो पारदर्शिता के साथ कार्य करे, समाज को नियमित हिसाब दे और भवन का उपयोग अधिक से अधिक समाजहित में सुनिश्चित करे।
पंचायत से चर्चा की मांग
समाज जनों ने सिंधी सेंट्रल पंचायत से मांग की है कि इस पूरे विषय पर समाज के बीच खुली चर्चा कराई जाए। मंगल धाम की जमीन, निर्माण, संचालन, आय-व्यय, समिति की संरचना और भविष्य की कार्ययोजना से संबंधित जानकारी समाज के सामने रखी जाए।
उनका कहना है कि यह किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध का विषय नहीं, बल्कि समाज की संपत्ति का समाजहित में सही उपयोग और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने का विषय है।
अब देखना यह है कि पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत बिलासपुर इन सवालों पर क्या जवाब देती है और क्या समाज की मांग के अनुरूप श्री झूलेलाल मंगल धाम बिलासपुर के संचालन को लेकर कोई नई व्यवस्था अथवा खुली चर्चा शुरू की जाती है
