जंक फूड से दूरी और स्वस्थ खान-पान का संदेश देकर बच्चों ने जीता सबका दिल
बिलासपुर। गणेश उत्सव के चलते इन दिनों शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल है। शहर के विभिन्न स्थानों और कॉलोनियों में गणपति की स्थापना के साथ प्रतिदिन धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकंडा स्थित राजस्व कॉलोनी के संजय हाइट्स में भी गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।
संजय हाइट्स में पिछले 17 वर्षों से गणेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन शाम को भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ भोग-प्रसाद और भंडारे का आयोजन होता है। इसके अलावा बच्चों और कॉलोनीवासियों की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
शनिवार को जहां बच्चों के लिए डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, वहीं रविवार को पेंटिंग और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में कॉलोनी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी वेशभूषा के साथ सामाजिक संदेश भी दिए।
*बच्चों ने दिया स्वस्थ खान-पान का संदेश*
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जंक फूड से होने वाले नुकसान और स्वस्थ खान-पान के महत्व को रेखांकित किया। पंकजा सोनी ने हेल्दी और अनहेल्दी फ्रूट्स के माध्यम से पौष्टिक आहार का संदेश दिया। वहीं शोभित सोनी ने ओरल हाइजीन के प्रति जागरूक किया।
कुशाग्र ने शहीद भगत सिंह, रौनक ने फिल्म पुष्पा के पुष्पराज, जयशल ने टीचर, दित्या ने बरसाने की राधा और नन्ही सिया ने परी की वेशभूषा में शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक संदेशों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों की खूब तालियां बटोरीं। अभिभावकों और कॉलोनीवासियों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान सीमा साहू, शारदा राव,आशा कश्यप, मेनका गोपाल,शोभा सोनी, शिवली ,लावण्या, कनक, निशा मरावी,भावना जायसवाल, शालिनी, पूनम अनिता दीवान,शालू राजपूत, वंशिका, सहित कॉलोनी के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
सोसायटी के अध्यक्ष सुरेश साहू, कोषाध्यक्ष वेंकट राव और सचिव विश्वनाथ कश्यप ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेशों से जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं।
