इंदौर। शहर में विगत दिनों आयोजित हुए श्री गुरु ज्ञानदास जी उदासीन की गुरु गद्दी के 405 वर्ष पूर्ण होने पर गुरु ज्ञानदास कृपा महोत्सव ने आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संदेश दिया। गुरु परंपरा, संतमत एवं सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन को समर्पित इस आयोजन को देशभर से श्रद्धालुओं एवं संत समाज का भरपूर स्नेह और समर्थन प्राप्त हुआ। आयोजन की गरिमा उस समय और बढ़ गई, जब भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गुरु ज्ञान दास जी की गुरु गादी के वर्तमान गादीनशीन मालिक महंत श्री जयेश दास जी उदासीन बाबा कल्याण दास दरबार इंदौर

को शुभकामना संदेश प्रेषित कर आयोजन की सराहना की। अपने संदेश में अमित शाह ने कहा कि इंदौर में आयोजित यह गुरु ज्ञान दास कृपा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चेतना,महंत जयेश दास उदासीन के रूप में गुरु-शिष्य परंपरा की 23वीं पीढ़ी और संतमत की गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संत समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा ऐसे आयोजन समाज में आत्मीयता, समरसता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा धार्मिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में तीर्थ स्थलों के विकास, आधुनिकीकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इससे भारत की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ हो रही है। गृह मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण वे आयोजन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उनकी हार्दिक शुभकामनाएं आयोजन समिति, विश्व सनातन परिषद, संत समाज एवं सभी श्रद्धालुओं के साथ हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सनातन धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में सफल सिद्ध होगा। विश्व सनातन परिषद के प्रदेश अध्यक्ष महंत श्री जयेश दास जी उदासीन एवं आयोजन समिति ने गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश को संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह आयोजन आध्यात्मिक एकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
