चंद्र दर्शन सत्संग
बालाघाट :- श्री झूलेलाल जी का हुक्म है ब्रह्म मुहूर्त यानी अमृत वेले उठकर राम जपो उस मालिक का नाम कीर्तन करो। सदैव मीठा बोले कटु वचन ना बोले धीरे धीरे बोले आपका ओर आपकी वाणी दोनों का सम्मान होगा जीवन में कुछ त्याग करना पड़ता हैं त्याग बिना सुख नहीं है पर विचार करे त्यागना किया है घर परिवार या गुस्सा अहंकार सोचो पकड़ लो प्रेम को पकड़ लो मालिक के नाम को याद करो उस मालिक को उस तरह जिस तरह एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के विरह विछोड़े में तड़प ता है यह आत्मा भी अपने प्रेमी यानी परमात्मा के लिए तड़प रही हैं। पल पल नाम जपो नाम कीर्तन करो आपका कल्याण होंगा
