तीन दिवसीय भगवान झूलेलाल की कथा हुई आरंभ संत सांई लाल दास जी के मुख अमृतवाणी से भक्तों ने किया रसपान
सतना। बाबा मेहरशाह दरबार साहिब में पुरषोत्तम मास के अवसर पर सनातन भक्ति महोत्सव के पावन अवसर पर महंत स्वामी पुरषोत्तमदास जी सानिध्य में चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों में सपरिवार शामिल होकर भक्ति की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। संतश्री ने कहा कि इष्टदेव की कथा सुनने वाले को संसार के सभी पुण्य लाभ अर्जित होते हैं।
बाबा मेहरशाह दरबार साहिब के प्रमुख प्रवक्ता राजकुमार बजाज ने बताया कि आज छत्तीसगढ़ (चकरभाठा) से पधारे संत लालसांई जी ने दूसरे दिन इष्टदेव भगवान श्री झूलेलाल सांई जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अन्याय को खत्म करने और सभी भक्तों में दया करूणा के साथ ईश्वर भक्ति करने का मार्ग प्रशस्त किया, जैसे ही भगवान श्री झूलेलाल सांई जी के जन्मोत्सव का प्रसंग बताया तो पूरी सिंधी कॉलोनी आयोलाल झूलेलाल सभी का होगा बेड़ा पार के जयकारों से गूंज उठी। चारों तरफ उडेरोलाल अमर रहे, पल्लव (पल्लव मछली) वारो अमर रहे ।

संत श्री लाल सांई जी ने खासकर युवाओं को इष्टदेव भगवान श्री झूलेलाल सांई जी के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई और साथ ही प्रेम और शांति ही सबसे बड़ा धर्म है, दूसरों की सदैव मदद करनी चाहिए और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए, आज भी सिंधी समाज में आस्था, एकता और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में सांईश्री जी को पूजा जाता है।


