सच का 🪞आईना
बिलासपुर नगर में 17 वार्ड पंचायत में से एक
पूज्य सिंधी पंचायत कश्यप कॉलोनी शहर के बीचो बीच बस स्टैंड के पास स्थित है और इस पंचायत का गठन लगभग 20 वर्ष पूर्व हुआ था हाल ही में 31 मार्च को इसके जो पूर्व मुखी हैं नरेश कोटवानी उनका 2 साल का कार्यकाल पूरा हुआ जैसा कि सूत्रों से जानकारी मिल रही है उन्होंने मई माह में अपना इस्तीफा संरक्षको सौंप दिया,
पर अभी तक आयव्य का ब्यौरा नहीं दिया गया है और ना ही संरक्षकों ने कोई बैठक बुलाई है और नए अध्यक्ष के लिए कोई भी चर्चा नहीं हुई है विगत दो माह से बगैर किसी अध्यक्ष के पंचायत चल रही है? और सवाल यह उठता है कि पंचायत चला कौन रहा है?
क्या संरक्षक जन पंचायत चला रहे हैं?
या जीस अध्यक्ष ने अपना इस्तीफा दे दिया वह पंचायत चला रहे हैं?
जनता खुद हैरान है उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा है? कल अगर कोई घटना घट जाती है कोई गमी हो जाती है या शादी होती है तो आखिर जो वहां पंडित हैं वह किससे अनुमति लेंगे?
जबकि वहां के जो एक प्रमुख संरक्षक है पंचायत के वह सेंट्रल पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भी हैं उनका दायित्व बनता है कि वह नियम कायदो का ईमानदारी से पालन करवाए
एक कहावत बहुत पुरानी है
( जब रक्षक की भक्षक बन जाए तो जनता क्या करें)
और दूसरी काहवत है
(जब सैंया है कोतवाल तो डर काहे का)
इसका मतलब यह है कि सेंट्रल पंचायत में हमारे लोग बैठे हैं?
पूरे शहर में हमारे लोग बैठे हैं? पूरा पावर हमारे पास है ?
तो कुछ भी करो कोई टेंशन नहीं है?
वैसे भी नियम कायदा का पालन तो यह करते नहीं है? संविधान की धजिया उड़ाना तो इनका जन्मसिद अधिकार है?
नियम कायदो का पालन करना तो उन्होंने कभी सीखा नहीं है?
दूसरों को पाठ जरूर पढ़ाते हैं पर अपने घर में पाठ पढ़ना भूल जाते हैं?
यह सब नाटक और ढोंग नौटंकी करते हैं? मंच पर जब कुर्सी मिल जाए पहनने को माल मिल जाए हाथ में माइक आ जाए तो नेताओं की तरह भाषण देते हैं?
पर उस पर अमल खुद नहीं करते हैं?
एक बात समझ में नहीं आ रही है आखिर किसका इंतजार किया जा रहा है कोन आने वाला है या किसका फरमान आने वाला है किसका आदेश आने वाला है जो इंतजार कर रहे हैं? जब आएगा तभी हम बैठक बुलाएंगे ? तभी नए अध्यक्ष के लिए चर्चा होगी नए अध्यक्ष के लिए कार्रवाई आगे बढ़ेगी?
क्या पर्दे के पीछे इसमें तानाशाह का हाथ है या सेट्रल
पंचायत का हाथ है?
एक बात तो समझ में आ रही है की 2027 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है इसीलिए यह चाहते हैं कि हर वार्ड में हमारा आदमी फिक्स हो हमारा ही अध्यक्ष हो जो हमारे हिसाब से काम करें ?और चुनाव में खुलकर हमारा समर्थन करें और पूरे वोट भी हमें मिले?
और हमारा कठपुतली वाला अध्यक्ष बने?
इसीलिए जानबूझकर देरी की जा रही है संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है ? नियम कायदो को कचरे की टोकरी में फेंका जा रहा है?
और बैठक नहीं बुलाई जा रही है?
क्या यह सब बातें समाज हित में है वार्ड हित में है?
आप आने वाले पीढ़ी को क्या संदेश देना चाहते हैं कि नेताओं की तरह हम लोग भी वैसे ही हैं?
और कुर्सी के लिए कुछ भी करेंगे?
बिलासपुर में कितनी वार्ड पंचायतें हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका है ?अभी तक चुनाव उसमें क्यों नहीं हुआ है? या नए अध्यक्ष के लिए बैठक क्यों नहीं आयोजित की जा रही है? इस पर अभी तक सेट्रल पंचायत मोन क्यों है?
क्या नियम सिर्फ गरीब लोगों के लिए होते हैं विपक्ष वालों के लिए है?
पंचायत के जो अन्य संरक्षक जन है सभी मिलकर अपने हित को छोड़कर समाज हित वार्ड के हित को स्वरोपरी रखकर जल्द से जल्द बैठक बुलाकर नए अध्यक्ष के लिए जो नियम है उसको पूरा करें ताकि वार्ड को नया मुखी मिल सके और पंचायत का जो भी कार्य हो सुचारू रूप से चल सके हम हमेशा समाज को जगाने के लिए कार्य करते आए हैं और एकता के लिए कार्य करते हैं ओर करते आए हैं आगे भी करते रहेंगे सच को सच बताने के लिए भी हम कार्य करते रहेंगे सच दिखाएंगे सच लिखेंगे भी और सच बोलेंगे भी
सामाज हित और देश हित में हमेशा हमर संगवारी अग्रणी भूमिका निभाते आया है आगे भी निभाते रहेगा सच के साथ है धर्म के साथ है न्याय के साथ है
सच का आईना आपको इसी तरह सच से रूबरू कराता रहेगा और जनहित सामाज व देश हित के मुद्दे पर बात करता रहेगा और ऐसे लोगों का रूप आपको सच के आइना में दिखाता रहेगा
