- अकलतरी की बहनों ने कराया योगाभ्यास
- बच्चों की चंचलता दूर करने में भी लाभप्रद
बिलासपुर, राजकिशोर नगर। शिव अनुराग भवन में चल रहे योग शिविर में आज भ्रामरी प्राणायाम पर विशेष अभ्यास एवं मार्गदर्शन दिया गया। उपस्थित साधकों ने भ्रामरी का अभ्यास कर गहन शांति और मानसिक विश्राम का अनुभव किया।
बीके कविता बहन ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, क्रोध, चिंता और मानसिक अशांति अनेक समस्याओं की जड़ बन चुके हैं। भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत करने और आंतरिक स्थिरता प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावी अभ्यास है।
उन्होंने बताया कि भ्रामरी करते समय उत्पन्न होने वाली मधुर ओम की ध्वनि मन और मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। इससे विचारों की अनावश्यक गति धीमी होती है तथा व्यक्ति स्वयं को अधिक शांत और संतुलित अनुभव करता है। ओमध्वनि सभी के लिए लाभप्रद है लेकिन बच्चों के लिए चंचलता दूर कर एकाग्र करने में विशेष लाभदायक है।
अकलतरी ग्राम से आई बीके कविता बहन के साथ सह योग प्रशिक्षक के रूप में उन्हीं के गांव से ही देवहूति बहन रहीं।
