
*राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सकों के समर्पण, करुणा और सेवा-भाव को किया नमन**बिलासपुर।* राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर प्रतिदिन सत्संग को सम्बोधित करते हुए *ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी** ने सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएँ दी और कहा कि *”निराशा में आशा उत्पन्न करना ही सबसे बड़ी सेवा है, और यही कार्य एक सच्चा चिकित्सक प्रतिदिन करता है।”* उन्होंने कहा कि जब रोगी शारीरिक पीड़ा, मानसिक तनाव और जीवन के कठिन दौर से गुजर रहा होता है, तब चिकित्सक केवल उपचार ही नहीं करते, बल्कि अपने स्नेह, सकारात्मक शब्दों, आत्मीय व्यवहार और समर्पित सेवा से उसके भीतर जीने का नया उत्साह और विश्वास भी जगाते हैं।मंजू दीदी ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवाओं में से एक है। चिकित्सकों की करुणा, धैर्य और निस्वार्थ सेवा असंख्य परिवारों के जीवन में नई खुशियाँ लौटाती है। विशेष रूप से विपरीत परिस्थितियों में उनका त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा-भाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।उन्होंने सभी चिकित्सकों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, प्रसन्नता एवं निरंतर सेवा-शक्ति के लिए परमपिता परमात्मा शिव से मंगलकामना करते हुए कहा कि आज का समाज ऐसे संवेदनशील चिकित्सकों की बदौलत ही निराशा से आशा और पीड़ा से राहत का अनुभव कर रहा है।अंत में उन्होंने सभी चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और ब्रह्माकुमारीज़ परिवार की ओर से सभी डॉक्टरों के उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सफल जीवन की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। साथ ही उनके लिए ग्रीटिंग ई-कार्ड भी बनाया गया।
