
05 संदिग्ध व्यक्तियों — प्रेम सिंह, जयनारायण सिंह, बब्बू सिंह, सत्यम सिंह एवं सोहन सिंह से गहन पूछताछ की गई, पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बाघ को मारकर शव को दबाने की बात स्वीकार की गई। उनके द्वारा बताया गया कि विद्युत करंट के माध्यम से बाघ का शिकार किया गया था, तथा मृत्यु उपरांत बाघ के पंजे, दांत एवं मूंछ के बाल निकाल लिए गए थे। आरोपियों के कब्जे से बाघ के दांत, मूंछ के बाल एवं नाखून जब्त किए गए हैं। सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय, चित्रकूट के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय द्वारा उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।*
