
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेलवे बोर्ड ने बिलासपुर–रायपुर रेलखंड पर चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। 60.94 करोड़ रुपये की लागत इस परियोजना के तहत से बिलासपुर–दाधापारा खंड में होगा चौथी लाइन का निर्माण बिलासपुर–दाधापारा खंड में लगभग 3.48 किलोमीटर तथा दाधापारा–निपनिया स्टेशन के बीच लगभग 6.86 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस कार्य पर 60.94 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रेलवे बोर्ड ने परियोजना के प्रथम चरण में दाधापारा–निपनिया खंड में चौथी लाइन निर्माण के लिए 173.33 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की है। परियोजना के अंतर्गत केवल नई रेल लाइन ही नहीं, बल्कि सिविल, विद्युत, ट्रैक, सिग्नलिंग, दूरसंचार तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचे का विकास भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। वर्तमान में बिलासपुर–कटनी और बिलासपुर–रायपुर रेलखंड देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल हैं। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की लगातार बढ़ती आवाजाही के कारण इस मार्ग पर परिचालन क्षमता प्रभावित हो रही है। चौथी रेल लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी, परिचालन में गति आएगी तथा समयबद्धता में सुधार होगा। इस परियोजना से न केवल रेलवे की माल परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि यात्रियों को भी कम विलंब, बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक सुविधाजनक रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस विस्तार से बिलासपुर रेल मंडल की परिचालन दक्षता बढ़ेगी तथा क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। वहीं, रेलवे ने गोंदिया–डोंगरगढ़ रेलखंड पर 84 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन परियोजना को भी स्वीकृति दी है। लगभग 2,223 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में कई बड़े और छोटे रेल पुल, रोड ओवरब्रिज, रोड अंडरब्रिज तथा आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। यह कार्य आगामी वर्षों में चरणबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा। रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा, माल परिवहन में तेजी आएगी और छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के औद्योगिक विकास को नया आधार मिलेगा।
