
अध्यक्ष व सीएमओ तलबमुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना सहित 10 बिंदुओं पर 21 जुलाई को वल्लभ भवन में होगी सुनवाईगोविंदगढ़ (अखंड सत्ता)। रीवा जिले की गोविंदगढ़ नगर परिषद में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों का मामला अब भोपाल पहुंच गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए नगर परिषद अध्यक्ष अभिषेक सिंह तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को 21 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे मंत्रालय स्थित वल्लभ भवन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। दोनों अधिकारियों को संबंधित मूल दस्तावेज, नस्तियां एवं अभिलेख साथ लाने के लिए कहा गया है।कारण बताओ सूचना-पत्र के बाद अगली कार्रवाईविभागीय जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर परिषद में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ सूचना-पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। बताया जा रहा है कि प्राप्त उत्तर संतोषजनक नहीं पाए जाने तथा पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने मंत्रालय स्तर पर सुनवाई का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 15 जुलाई 2026 को अध्यक्ष एवं सीएमओ को तलब करने का पत्र जारी किया गया।पार्षदों की शिकायत के बाद शुरू हुई प्रक्रियामामले की शुरुआत नगर परिषद के पार्षदों द्वारा की गई शिकायतों से हुई। शिकायत में परिषद के विभिन्न निर्माण कार्यों एवं शासकीय योजनाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। पार्षदों ने रीवा कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। प्राथमिक जांच के बाद मामला नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल को भेजा गया।इन प्रमुख आरोपों की होगी जांचशिकायतकर्ताओं ने नगर परिषद पर मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के संचालन एवं संधारण में अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन, अधिकृत कंपनी के स्थान पर स्थानीय कर्मचारियों से कार्य कराए जाने, जल शोधन संयंत्र में कथित फर्जी खरीदी, ऐतिहासिक गोविंदगढ़ तालाब की सफाई एवं जीर्णोद्धार के नाम पर लगभग 60 लाख रुपये के खर्च, निविदाओं में नियमों की अनदेखी, हैंडपंप मरम्मत, पाइपलाइन विस्तार एवं रखरखाव के नाम पर कथित फर्जी भुगतान सहित कुल 10 बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।शिकायत में तत्कालीन प्रभारी सीएमओ ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव तथा तत्कालीन लेखा संबंधी अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। इन आरोपों की जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा।21 जुलाई की सुनवाई पर रहेगी नजरनगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 21 जुलाई को आयोजित सुनवाई में अध्यक्ष एवं सीएमओ से आरोपों के संबंध में विस्तृत पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामले में विभागीय जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
