
28 जुलाई को शिव-अनुराग भवन व शहर के विभिन्न स्थानों में होगा ‘स्पिरिचुअल अवेकनिंग फॉर वर्ल्ड रिन्यूअल’ एवं इको केयर अभियान का विशेष कार्यक्रम**बिलासपुर।* मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति परमात्मा से प्राप्त श्रेष्ठ भाग्य और आध्यात्मिक प्राप्तियां हैं। जब इनकी स्मृति सदा बनी रहती है, तब परिस्थितियां भी मन की खुशी और संतुष्टि को प्रभावित नहीं कर पातीं। हम वर्तमान की प्राप्तियों की ख़ुशी और कृतज्ञता के भाव को छोड़कर, जो हमें नहीं मिला उसे भगवान से मांगते रहते हैं और असंतुष्ट रहते हैं।यह बात ब्रह्माकुमारीज शिव – अनुराग भवन, राजकिशोर नगर सेवाकेन्द्र में *ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी* ने रविवार विशेष सत्संग में कही।सत्संग के दौरान *कारगिल विजय दिवस* के अवसर पर बीके मंजू दीदी ने कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सैनिक सीमाओं की रक्षा करते हैं, जबकि आध्यात्मिक रूप से जागरूक नागरिक राष्ट्र के चरित्र और संस्कारों की रक्षा करते हैं। प्रत्येक नागरिक को देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और आत्मिक शक्ति को जीवन में अपनाकर एक सशक्त, संस्कारित और श्रेष्ठ भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग बाहरी उपलब्धियों में खुशी खोजते हैं, जबकि वास्तविक आनंद आत्मिक चेतना और परमात्म स्मृति में छिपा है। यदि व्यक्ति अपने श्रेष्ठ भाग्य को पहचानकर ईश्वरीय स्मृति में जीवन जीना सीख ले, तो उसके भीतर संतुष्टि, आत्मविश्वास और सकारात्मकता स्वतः विकसित हो जाती है। ऐसी आत्मा स्वयं भी प्रसन्न रहती है और दूसरों के जीवन में भी आशा एवं प्रेरणा का संचार करती है।बीके मंजू दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक राजयोगी को अपने मन, बुद्धि और संस्कारों पर स्वराज्य स्थापित करने का अभ्यास करना चाहिए। नियमित राजयोग, सत्संग, ब्रह्ममुहूर्त का योग तथा श्रेष्ठ संकल्प ही जीवन को शक्तिशाली बनाते हैं। जब व्यक्ति स्वयं में परिवर्तन लाता है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।इस अवसर पर बीके मंजू दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज के *साइंटिस्ट, इंजीनियर्स एवं आर्किटेक्ट (SEA) विंग* तथा टिकरापारा-राजकिशोर नगर सेवाकेन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में 28 जुलाई (मंगलवार) को शहर में 11 कार्यक्रम आयोजित होंगे। *शाम 5 से 8 बजे तक शिव-अनुराग भवन, स्मृति वन के पास, राजकिशोर नगर* में संस्था के 90 वर्ष पूरा होने पर वार्षिक थीम- *”विश्व उत्कर्ष के लिए आध्यात्मिक जागृति* विषय पर विशेष **स्व-उन्नति एवं योग साधना कार्यक्रम** आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी शहरवासी शामिल हो सकेंगे। यह आयोजन राष्ट्रव्यापी *”Eco Care & Disaster Management”(पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन)* अभियान के द्वितीय चरण का हिस्सा है। कार्यक्रम में **बीके भारत भूषण भाई (पानीपत), बीके पीयूष भाई (दिल्ली), बीके प्रो. ओंकार चंद भाई (शांतिवन), बीके ज्योति बहन (हैदराबाद) तथा बीके तारिका बहन (भिलाई)** का प्रेरणादायी मार्गदर्शन मिलेगा और गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आध्यात्मिक प्रेरणा एवं गुरु सम्मान के साथ ही संस्था की प्रथम सह-मुख्य प्रशासिका *पूज्य दीदी मनमोहिनी जी* को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। मंजू दीदी ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में सहभागिता का आग्रह किया है।
