बिलासपुर, 02 अगस्त 2026/जिले के तखतपुर ब्लॉक की देवरी (खुर्द) निवासी श्रीमती पुनिता मानिकपुरी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली पुनिया के लिए सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन था। ऐसे समय में उन्होंने विश्वा जय माँ दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह देवरी (खुर्द) से जुड़कर नियमित बचत शुरू की और समूह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
समूह के माध्यम से उन्हें 60 हजार रूपए का ऋण प्राप्त हुआ, जिसका उन्होंने आइसक्रीम मशीन क्रय किया। मशीन मिलने के बाद उन्होंने गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में आइसक्रीम का व्यवसाय शुरू किया। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और मेहनत के बल पर उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ा और स्थानीय लोगों के बीच उनकी आइसक्रीम की अच्छी पहचान बनने लगी। आज श्रीमती पुनिता मानिकपुरी अपने स्वरोजगार से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा रहा है। उनके इस प्रयास ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्रीमती मानिकपुरी बताती हैं कि यदि उन्हें स्व-सहायता समूह से समय पर ऋण नहीं मिलता, तो स्वयं का व्यवसाय शुरू करना संभव नहीं हो पाता। समूह के सहयोग, मार्गदर्शन और अपने आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अब उनका लक्ष्य अपने व्यवसाय का विस्तार कर अधिक लोगों तक अपने उत्पाद पहुंचाना और आय में और वृद्धि करना है। श्रीमती मानिकपुरी की सफलता यह दर्शाती है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराया गया समय पर वित्तीय सहयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उनकी प्रेरक कहानी अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
