बिलासपुर
संत बाबा हरदासराम सेवामंडल गोदड़ी वाला धाम,बिलासपुर का 25 वां स्थापना दिवस भक्तिभाव, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
स्थापना दिवस के अवसर पर दरबार साहब में दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में साध-संगत ने शामिल होकर बाबा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा हरदास राम साहब एवं बाबा गेलाराम साहब जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर,दीप प्रज्वलित कर आरती-पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात सुबह 10 बजे झंडावंदन,के बाद बाबा की मदाह साहब के पाठ का आरंभ हुआ इस अवसर पर देवपुरी दरबार की पीठाधीश्वर पूज्य चोलेवाली अम्मां मीरा देवी साहिबा जी ने भी आयोजन में सहभागिता की तथा मदाह साहब के पाठ का आरंभ किया तथा उपस्थित भक्तों को स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूज्य बहाराणा साहब की अखंड ज्योत प्रज्वलित कर बैंड बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दरबार साहब से प्रारंभ होकर सिंधी कालोनी भ्रमण करते हुए तालाब पहुंची,जहां विधि-विधान के साथ ज्योत का विर्सजन किया गया। शोभायात्रा के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा भक्तिभाव का वातावरण देखने को मिला,सभी नाचते गाते बाबा का जय जयकार करते हुए चल रहे थे,शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर प्रसाद,मिठाई बांटकर,शर्बत पिलाकर स्वागत किया गया,जल के देवता झूलेलाल सांई ने वर्षा करके एक तरह से शोभायात्रा का स्वागत किया,वर्षा के बावजूद सभी के उत्साह उमंग में कोई कमी नहीं हुई थी,सभी नाचते,गाते हुए बाबा के झूलेलाल सांई के जय जयकारे लगाते हुए चल रहे थे
आयोजन में शामिल साध-संगत के लिए दोपहर को भंडारे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद एवं भंडारा ग्रहण किया।
*सत्संग में हुई अमृतवाणी की वर्षा*
रात्रि 8 से 10 बजे तक बाबा आनंद राम दरबार के एकादशी वाले बलराम भैया जी के सानिध्य में भक्तिमय सत्संग एवं कीर्तन का आयोजन हुआ।
बलराम भैया जी ने अपनी अमृतवाणी से साध-संगत को सत्संग,सेवा और प्रभु सिमरन का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग मोह-माया और धन के पीछे भाग रहे हैं। जीवन जीने के लिए पैसा आवश्यक है, लेकिन इसके साथ सत्संग, संतों का संग और प्रभु का नाम सिमरन भी उतना ही जरूरी है। प्रभु का स्मरण मन को शांति देता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
बलराम भैया जी ने कहा कि संतों का संग और प्रभु का नाम सिमरन करने से मनुष्य को इस लोक में सुख और परलोक में शांति की अनुभूति होती है। इसी भाव को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा— “मेरे सतगुरु, तेरी नौकरी सबसे बढ़िया है, सबसे खरी है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जब हम मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करते हैं, तो केवल आंखों से दर्शन करने के बजाय अपने मन को भी प्रभु के चरणों में समर्पित करना चाहिए।
सत्संग के दौरान बलराम भैया जी ने अनेक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर साध-संगत भाव विभोर होकर झूम उठी और सभी उत्साह उमंग के साथ नाच रहे थे,पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम के समापन पर अरदास की गई, पल्लव पाया गया तथा प्रसाद वितरित किया गया। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसका बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद के रूप में भंडारा ग्रहण किया।
*सोशल मीडिया पर भी हुआ सीधा प्रसारण*
स्थापना दिवस के पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया गया। इसके जरिए हजारों श्रद्धालुओं ने घर बैठे धार्मिक आयोजन का आनंद लिया और सत्संग से जुड़कर संतों के आशीर्वचन सुने।
आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार लालचंदनी,भरतलाल मोटवानी,तोलाराम रेलवानी,राजकुमार कलवानी,डा.हुदलदास सोमनानी,देवानंद छत्तानी,गोपीचंद गंगवानी,अशोक डंगवानी,राजा लालचंदानी,हरीश लालचंदनी,परमानंद मनचंदा,राजेश तलरेजा,रवि प्रितवानी,मोहनलाल डेंबरा,राजकुमार संतवानी,खेमचंद संतवानी ,राजेश माधवानी,ईश्वर गिडवानी,अशोक हिंदुजा,नवीन थौरानी,मोहन सचदेव,जीवत रोहरा,रुपेश लालचंदानी,प्रीतम लालचंदानी,संतोष लालचंदानी,महिला मंडल की सरिता लालचंदानी,रामीदेवी प्रितवानी,लक्ष्मी सोमनानी,रेखा लालचंदानी,कुमारी लालचंदानी,रुक्मणी लालचंदानी,रेखा हिंदुजा,श्वेता आसवानी,माधुरी डंगवानी,पूजा छत्तानी,माया डेंबरा,हीर कलवानी ममता हर्जपाल,ममता माधवानी,भारती सचदेव,सीता गंगवानी,सिया लालचंदानी,कांता गंगवानी सहित रायपुर सेवामंडल से लालचंद खूबचंदानी,शिवा खूबचंदानी एवं महिलामंडल की सदस्य भी काफी संख्या में शामिल हुई,रायगढ़ से अनिल तलरेजा,संजय सहेता,सुरेश वाधवानी कोरबा सेवामंडल से खीयलदास मोटवानी,कमला मोटवानी,भरत तलरेजा,हरि वाधवानी,उषा वाधवानी,कविता वाधवानी,मधु गोधवानी,श्यामलाल सहित ,सिंधी कालोनी पंचायत के मुखी भाई गोपाल सिंधवानी,खुशालदास वाधवानी सहित सेवामंडल के सभी सेवादारों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की जानकारी राजकुमार कलवानी द्वारा दी गई।
इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन को कवर करने हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा भी दरबार साहब पहुंचे और पूरे कार्यक्रम की जानकारी संकलित की
